WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News अंतरराष्ट्रीय Digital Newsletter 05 Oct 2026 · 12:28 PM

होरमुज स्ट्रेट पर ईरान का सख्त रुख, 7 शर्तें पूरी होने तक बंद रहेगा

प्रतीकात्मक फोटो

दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। होरमुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि जून में अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते में तय की गई 7 शर्तें पूरी होने तक यह महत्वपूर्ण जलमार्ग नहीं खोला जाएगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष और देश के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने कहा कि ईरान की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट और दृढ़ है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान प्रस्ताव दिया था कि शर्तें पूरी होने पर 7 दिनों के भीतर जलमार्ग खोलकर सामान्य समुद्री आवाजाही बहाल की जा सकती है। अमेरिका ने पिछले सप्ताह कतर के मध्यस्थों के जरिए इस प्रस्ताव का जवाब दिया था। [1]

ईरान की शर्तें

होरमुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों का प्रमुख हिस्सा बन गया है। कलीबाफ ने कहा कि वाशिंगटन को यह समझना चाहिए कि कूटनीतिक प्रक्रिया को लंबा खींचने और एकतरफा मांगें थोपने का दौर खत्म हो चुका है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिकी जवाब पर अपनी व्यापक स्थिति स्पष्ट कर दी है, हालांकि कुछ अतिरिक्त बिंदु अभी अमेरिका तक पहुंचाए जाने बाकी हैं। उनके अनुसार मौजूदा चरण में ईरान का मुख्य ध्यान होरमुज स्ट्रेट और इस जलमार्ग में सुरक्षा बहाल करने पर है।

ईरान ने परमाणु मुद्दे पर किसी रियायत की पेशकश से भी इनकार किया है। बघाई ने उन खबरों को खारिज किया कि तेहरान ने प्रतिबंधों में राहत के बदले संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था को अपनी परमाणु सुविधाओं के निरीक्षण की अनुमति देने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू नहीं की है। वार्ता से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार प्रस्ताव में 7 दिनों की विश्वास बहाली की अवधि और जून के समझौते के विस्तारित स्वरूप की दिशा में लौटने की बात थी। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मतभेद योजना की सामग्री से ज्यादा उसके कदमों को लागू करने के क्रम को लेकर बताया गया है।

कूटनीति पर जोर

होरमुज स्ट्रेट को खोलने के लिए कतर अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने की भूमिका निभा रहा है। यह जलमार्ग युद्ध से पहले दुनिया के करीब 1 बटा 5 तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आवाजाही का प्रमुख मार्ग था। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले शुरू होने के बाद क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ा और समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई। जून में हुआ अंतरिम समझौता कुछ समय के लिए संघर्ष विराम में मददगार रहा था और उसमें जलमार्ग तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रावधान शामिल थे। अब दोनों पक्ष फिर से बातचीत की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन शर्तों और उनके क्रम पर मतभेद बने हुए हैं।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने तेहरान में विदेशी राजदूतों और राजनयिकों से कहा कि ईरान उम्मीद करता है कि अमेरिका कूटनीति का रास्ता चुनेगा। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ता है तो ईरान जवाब देने के लिए पहले से अधिक तैयार है। उनके अनुसार ईरान अपनी रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी हमले दोबारा शुरू होने की स्थिति में ईरान की ओर से व्यापक जवाब की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने भी मिसाइलों की मारक दूरी बढ़ाने की योजना की जानकारी दी है।

अस्वीकरण, Disclaimer:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी October 5, 2026: 12:28 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —