अदन, यमन। यमन की सऊदी समर्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने रविवार 4 अक्टूबर 2026 को हूती नियंत्रण वाले शेष इलाकों को वापस लेने के लिए बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की घोषणा की। राष्ट्रपति परिषद के प्रमुख राशद अल अलीमी ने टेलीविजन संबोधन में कहा कि सैन्य अभियान का लक्ष्य पूरे देश में राज्य और उसकी संस्थाओं का अधिकार बहाल करना है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब ईरान समर्थित हूतियों ने हाल के हफ्तों में कई इलाकों में बढ़त बनाई है। सरकार के मुताबिक तनाव कम करने के सभी अवसर समाप्त हो चुके हैं और अब सैन्य कार्रवाई शुरू की गई है। [1]
राशद अल अलीमी ने कहा कि यमन की सशस्त्र सेनाओं, सुरक्षा सेवाओं और सभी सैन्य इकाइयों को स्वीकृत योजनाओं के अनुसार अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने सऊदी अरब के समर्थन के लिए आभार जताया और क्षेत्रीय सहयोगियों तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से यमन की सरकारी सेनाओं और संस्थाओं के साथ खड़े होने का आह्वान किया। इससे पहले क्षेत्रीय और पश्चिमी अधिकारियों ने बताया था कि सऊदी अरब और उसके यमनी सहयोगी हूतियों के खिलाफ हमले की तैयारी कर रहे थे। योजना में सऊदी अरब की ओर से हवाई कार्रवाई और यमनी बलों की ओर से जमीनी अभियान की भूमिका बताई गई थी।
यमन में यह सैन्य अभियान ऐसे समय शुरू हुआ है जब हूतियों ने लाल सागर के तट और बाब अल मंदब जलडमरूमध्य के आसपास कई इलाकों पर कब्जा किया है। इस क्षेत्र पर नियंत्रण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। हूतियों ने पिछले महीने अभियान में सरकारी बलों को पीछे धकेलते हुए बाब अल मंदब के प्रवेश मार्ग और करीब 90 मील लंबे लाल सागर तट के हिस्से पर कब्जा किया था। इसके बाद ताइज के आसपास भी उनकी बढ़त की खबरें सामने आईं। ताइज महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और बड़ी संख्या में सरकारी बल वहां तैनात हैं।
यमन में ताइज के आसपास हालात तेजी से बिगड़े हैं। सैन्य सूत्रों के अनुसार हूतियों ने शहर को दक्षिणी तट पर स्थित अदन से जोड़ने वाली आखिरी महत्वपूर्ण सड़क की ओर बढ़त बनाई है। इस मार्ग पर नियंत्रण से ताइज की घेराबंदी और मजबूत हो सकती है। हाल की लड़ाई में दोनों पक्षों के नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं, हालांकि हताहतों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हूतियों के बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने व्यापक जवाबी अभियान की घोषणा की है। ताइज का संघर्ष इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि यह लंबे समय से यमन के गृहयुद्ध के प्रमुख मोर्चों में शामिल रहा है।
यमन में नए सैन्य अभियान का असर केवल घरेलू सत्ता संघर्ष तक सीमित नहीं रह सकता। बाब अल मंदब जलडमरूमध्य लाल सागर और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के बीच महत्वपूर्ण मार्ग है, जबकि क्षेत्र पहले से ईरान और अमेरिका के बीच व्यापक युद्ध से प्रभावित है। हूतियों ने सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है, हालांकि सऊदी अधिकारियों ने तत्काल इसकी पुष्टि नहीं की। अमेरिका सऊदी अभियानों के लिए खुफिया सहायता दे रहा है और कुछ क्षेत्रीय तथा यूरोपीय देश मुख्य रूप से रक्षात्मक सैन्य सहायता दे रहे हैं। अभियान आगे बढ़ने से यमन और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं।
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Author:अजय त्यागी
October 5, 2026: 12:35 PM
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