कोटा, राजस्थान। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को नगर निगम कोटा के एक संविदाकर्मी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार आरोपी अखिलेश मीणा ने परिवादी से 10,000 रुपये की रिश्वत ली थी। कार्रवाई के दौरान दूसरा संविदाकर्मी आरोपी नरेश वर्मा मौके से फरार हो गया। मामला प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए मिलने वाली 50,000 रुपये की पहली किस्त से जुड़ा बताया गया है। शिकायत में आरोप है कि दोनों संविदाकर्मियों की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही थी और रकम नहीं देने पर आगे की किस्तें रोकने की धमकी दी जा रही थी। [1]
एसीबी के मुताबिक परिवादी ने कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अखिलेश मीणा और नरेश वर्मा प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त दिलाने के बदले रिश्वत मांग रहे थे। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन 1 अक्टूबर को किया। सत्यापन के दौरान अखिलेश मीणा द्वारा 10,000 रुपये और नरेश वर्मा द्वारा 5,000 रुपये की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी कोटा इकाई ने ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की। टीम ने नगर निगम कोटा के बाहर कार्रवाई करते हुए अखिलेश मीणा को परिवादी से 10,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ लिया।
ट्रैप कार्रवाई कोटा रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के निर्देशन में की गई। पुलिस उप अधीक्षक अनिष अहमद के नेतृत्व में ट्रैप दल गठित किया गया था। कार्रवाई के दौरान नगर निगम कोटा के बाहर एसीबी टीम ने अखिलेश मीणा को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया। वहीं कार्रवाई की भनक लगने पर दूसरा आरोपी नरेश वर्मा मौके से फरार हो गया। एसीबी की ओर से उसकी तलाश के प्रयास तेज किए गए हैं। मामले में पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एसीबी की ओर से बताया गया कि कार्रवाई के बाद आरोपी अखिलेश मीणा से पूछताछ और मामले में अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। फरार आरोपी नरेश वर्मा की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। एसीबी ने कहा है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण, अभियोग या प्राथमिक जांच दर्ज होने पर वह सीधे एसीबी से संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। प्रस्तुत स्पष्टीकरण का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद अनुसंधान में निर्णय लेना एसीबी की कार्यप्रणाली का हिस्सा है। इस मामले में रिश्वत की मांग और ट्रैप कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग के लिए हेल्पलाइन की जानकारी भी साझा की है। विभाग के अनुसार किसी भी व्यक्ति को भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94135 02834 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। इस कार्रवाई में रिश्वत लेते पकड़े गए नगर निगम के संविदाकर्मी अखिलेश मीणा के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं फरार बताए जा रहे नरेश वर्मा की तलाश की जा रही है। फिलहाल मामले में एसीबी की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी और रिश्वत से जुड़े आरोपों पर अनुसंधान पूरा होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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Author:अजय त्यागी
October 5, 2026: 7:08 PM
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