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Rex TV India
Latest News आम सूचना Digital Newsletter 08 Oct 2026 · 11:48 AM

रेपो रेट बढाने की तैयारी, SBI Research का दिसंबर में 6 फीसदी का अनुमान

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। SBI Research ने दिसंबर तक रेपो रेट में एक और बड़ी बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक दिसंबर में रेपो रेट को 50 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6 फीसदी तक ले जा सकता है। यह अनुमान ऐसे समय आया है जब RBI ने अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया है। SBI Research ने महंगाई के दबाव और पूंजी निकासी के बीच रुपये को सहारा देने के लिए अतिरिक्त उपायों की जरूरत भी बताई है।  [1]

महंगाई का दबाव

SBI Research के अनुसार अक्टूबर की नीति समीक्षा ने मौद्रिक रुख में स्पष्ट बदलाव दिखाया है। RBI ने अपना रुख न्यूट्रल से कैलिब्रेटेड टाइटनिंग में बदला है। रिपोर्ट का अनुमान है कि नवंबर 2026 में खुदरा महंगाई करीब 6.8 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकती है। इसी आधार पर रिसर्च टीम ने दिसंबर तक नीतिगत दर के 6 फीसदी तक जाने की संभावना जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक आगे की दर बढ़ोतरी की गति और मात्रा महंगाई के रुझान तथा वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

रुपये पर दबाव

SBI Research ने महंगाई के साथ रुपये और पूंजी प्रवाह से जुड़ी चुनौतियों पर भी जोर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक रुपया 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है और सितंबर में डेट से जुड़े पूंजी बहिर्वाह का आंकड़ा 2.1 अरब डॉलर रहा। रिसर्च ने रुपये को सहारा देने के लिए लंबी अवधि के इक्विटी निवेश को प्रोत्साहित करने वाले उपाय सुझाए हैं। इनमें 3 साल से अधिक अवधि वाले निवेश पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर की संरचना में बदलाव और सीमित अवधि के लिए मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर बढ़ाने जैसे विकल्प शामिल हैं।

तरलता पर सुझाव

SBI Research ने RBI से तरलता प्रबंधन के लिए खुले बाजार की गतिविधियों और वैरिएबल रेट ऑपरेशन जैसे पारंपरिक उपायों के इस्तेमाल को जारी रखने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में कैश रिजर्व रेशियो पर निर्भरता के बजाय इन साधनों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। रिपोर्ट में विदेशी मुद्रा से होने वाली निर्यात आय के पुनर्प्राप्ति और प्रत्यावर्तन की अवधि की भी समीक्षा सुझाई गई है। इसके तहत सामान्य अवधि 9 महीने से घटाकर 6 महीने करने का सुझाव है, जबकि विशेष परिस्थितियों में अधिक समय की अनुमति देने की बात कही गई है।

आगे की राह

SBI Research ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में दर नीति पर तेज और परिस्थितियों के अनुरूप प्रतिक्रिया जरूरी हो सकती है। रिपोर्ट में अगली मौद्रिक नीति बैठक में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी या स्थिति बिगड़ने पर बैठक के बाहर भी कदम उठाने का विकल्प बताया गया है। हालांकि यह SBI Research का अनुमान और सुझाव है, RBI का भविष्य का फैसला महंगाई, वृद्धि और वैश्विक परिस्थितियों के वास्तविक आंकड़ों पर निर्भर करेगा। SBI Research के अनुमान के मुताबिक दिसंबर तक दर 6 फीसदी तक पहुंच सकती है, लेकिन अंतिम फैसला RBI की नीति और उपलब्ध आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर रहेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV India Author:अजय त्यागी October 8, 2026: 11:48 AM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
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