अमरावती, आंध्र प्रदेश। PMAY-U आवास योजना के तहत राज्य में मंजूर किए गए 3.71 लाख ऐसे घरों को लेकर केंद्र की ओर से कार्रवाई की गई है, जिनका निर्माण शुरू नहीं हुआ था। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश के लिए PMAY-U के तहत कुल 19.07 लाख घर मंजूर किए गए थे। इनमें 15.36 लाख घरों का निर्माण शुरू हो चुका था, जबकि 3.71 लाख घरों पर काम शुरू नहीं हुआ था। केंद्र के अनुसार योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक उन घरों को पूरा करने के लिए बढ़ाई गई थी, जिन्हें निर्धारित शर्तों के तहत निर्माणाधीन रखा गया था। [1]
PMAY-U आवास से जुड़े आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश में 11.38 लाख घरों का निर्माण पूरा हो चुका था, जबकि 10.75 लाख घरों में लाभार्थी रह रहे थे। केंद्र ने योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाते हुए यह व्यवस्था उन आवासों के लिए रखी थी, जिन्हें 31 मार्च 2024 या उससे पहले मंजूरी मिली थी और जिनका निर्माण 31 दिसंबर 2025 तक शुरू हो चुका था। ऐसे में जिन स्वीकृत आवासों का निर्माण निर्धारित अवधि तक शुरू नहीं हुआ, वे बढ़ी हुई अवधि में निर्माण पूरा करने के लिए पात्र नहीं रहे। इस व्यवस्था के तहत 3.71 लाख घर प्रभावित हुए।
PMAY-U आवास की प्रगति को लेकर केंद्र ने आंध्र प्रदेश में कई कारणों का उल्लेख किया है। सरकारी जानकारी के अनुसार राज्य में योजना की गति प्रभावित होने के कारणों में राज्य हिस्से की राशि जारी करने में देरी, ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने में विलंब और लाभार्थियों की ओर से धन जुटाने में कठिनाई शामिल थी। आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश के लिए योजना के तहत केंद्रीय सहायता की अधिकतम पात्रता 23,507.44 करोड़ रुपये थी, जबकि राज्य को 23,665.79 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके थे। इस तरह जारी केंद्रीय सहायता पात्रता से 158.35 करोड़ रुपये अधिक थी।
आंध्र प्रदेश में PMAY-U आवास की स्थिति में मंजूर घरों और निर्माण शुरू हुए घरों के बीच अंतर स्पष्ट दिखाई देता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 19.07 लाख घर मंजूर हुए, जिनमें 15.36 लाख घरों का निर्माण शुरू हुआ और 3.71 लाख घरों पर काम शुरू नहीं हुआ। वहीं 11.38 लाख घरों का निर्माण पूरा हो चुका था और 10.75 लाख घरों में लाभार्थियों को कब्जा मिल चुका था। केंद्र ने राज्य से निर्माणाधीन घरों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और राज्य हिस्से की राशि समय पर उपलब्ध कराने को कहा था। योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा किए जाने की जानकारी भी दी गई थी।
PMAY-U आवास को लेकर केंद्र की कार्रवाई का संबंध उन मंजूर आवासों से है, जिनका निर्माण निर्धारित अवधि में शुरू नहीं हो पाया। आंध्र प्रदेश के लिए 19.07 लाख घर मंजूर किए गए थे और इनमें 3.71 लाख घर निर्माण शुरू नहीं होने की श्रेणी में रहे। दूसरी ओर 11.38 लाख घर पूरे हो चुके थे और 10.75 लाख घरों में लाभार्थी रह रहे थे। केंद्र की ओर से योजना की बढ़ी हुई अवधि का उद्देश्य पात्र निर्माणाधीन आवासों को पूरा करना था। राज्य में योजना की आगे की प्रगति के लिए निर्माणाधीन घरों को समय पर पूरा करना और संबंधित वित्तीय तथा आधारभूत जरूरतें पूरी करना महत्वपूर्ण रहेगा।
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Author:अजय त्यागी
October 8, 2026: 2:41 PM
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