दरभंगा, बिहार। एक्सपायर आंसू गैस शेल को नष्ट करने के लिए की जा रही कार्रवाई के दौरान बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल 13 के 122 जवानों की तबीयत बिगड़ गई। बुधवार को परिसर में पुराने आंसू गैस शेल चलाने की प्रक्रिया के दौरान निकले धुएं के संपर्क में आने के बाद कई जवानों को परेशानी हुई। उन्हें सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और पेट दर्द जैसी शिकायतें हुईं, जिसके बाद दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उपचार के बाद 117 जवानों को छुट्टी दे दी गई, जबकि 5 जवानों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। [1]
बीएसएपी 13 परिसर में वरिष्ठ जवानों की आंसू गैस संबंधी ट्रेनिंग चल रही थी। इसी दौरान एक्सपायर आंसू गैस शेल को नष्ट करने के लिए उन्हें चलाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आसपास मौजूद प्रशिक्षु महिला और पुरुष जवान इसकी चपेट में आ गए। धुआं फैलने के बाद कई जवानों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआत में उन्हें परिसर में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन राहत नहीं मिलने पर डीएमसीएच ले जाया गया। बीएसएपी 13 के कमांडेंट रवीश कुमार ने बताया कि जवान आंसू गैस के प्रभाव में आने से बीमार हुए थे।
जवानों की तबीयत बिगड़ने की वजह को लेकर अस्पताल प्रशासन और बीएसएपी प्रबंधन की जानकारी अलग है। डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र के अनुसार इलाज के दौरान जवानों में फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण पाए गए और इसी आधार पर उपचार किया गया। कुछ जवानों ने डॉक्टरों को बताया कि उन्होंने दोपहर के भोजन में मशरूम की सब्जी खाई थी और इसके बाद उल्टी, पेट दर्द समेत अन्य शिकायतें शुरू हुईं। दूसरी ओर, बीएसएपी कमांडेंट ने फूड पॉइजनिंग की बात से अलग आंसू गैस के संपर्क को बीमारी की वजह बताया। वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
डीएमसीएच में एक साथ बड़ी संख्या में जवानों के पहुंचने के बाद इमरजेंसी में डॉक्टरों और कर्मचारियों को अलर्ट किया गया। कुल 122 जवानों को अस्पताल लाए जाने की जानकारी है। उपचार के बाद 117 जवानों की हालत में सुधार हुआ और उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि 5 जवानों को निगरानी में रखा गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इलाजरत जवान खतरे से बाहर हैं। घटना के बाद बीएसएपी परिसर में इस्तेमाल किए गए शेल और प्रशिक्षण के दौरान बनी परिस्थितियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि एक्सपायर शेल चलाने के दौरान धुआं किस तरह आसपास तक पहुंचा।
एक्सपायर आंसू गैस शेल से जुड़ी इस घटना में बीमारी की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है। बीएसएपी कमांडेंट के अनुसार जवान आंसू गैस के संपर्क में आने से प्रभावित हुए, जबकि डीएमसीएच के डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण पाए और जवानों के भोजन में मशरूम की सब्जी होने की जानकारी दी। फिलहाल 117 जवानों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और 5 जवान चिकित्सकीय निगरानी में हैं। घटना के दौरान पुराने शेल को नष्ट करने की प्रक्रिया भी सामने आई है। बीमारी आंसू गैस से हुई या भोजन से, इसका स्पष्ट निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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Author:अजय त्यागी
October 8, 2026: 3:44 PM
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