WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
← Back to article
Rex TV India
Latest News राजस्थान Digital Newsletter 12 Oct 2026 · 10:42 PM

पुरुलिया छऊ की प्रस्तुति ने महिषासुरमर्दिनी की गाथा को जीवंत किया

पुरुलिया छऊ लोक नृत्य के कलाकार

कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। अकलंक पब्लिक स्कूल, बसंत विहार में स्पिक मैके के तत्वावधान में पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध पुरुलिया छऊ लोक नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। कलाकारों ने सशक्त भाव भंगिमाओं, रंगीन वेशभूषा और ऊर्जावान नृत्य के जरिए महिषासुरमर्दिनी की पौराणिक गाथा को मंच पर साकार किया। पारंपरिक मुखौटों और नाटकीय मुद्राओं से सजी प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान खींचा। कार्यक्रम का शुभारंभ अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष जैन, सचिव अनिमेष जैन, कोषाध्यक्ष कपिल जैन और उपाध्यक्ष वीके जैन ने कलाकारों एवं अतिथियों का स्वागत कर किया। इस अवसर पर विद्यालय में उत्साहपूर्ण माहौल रहा।  [विडियो]

लोककला की छटा

पुरुलिया छऊ की प्रस्तुति में महिषासुरमर्दिनी की कथा के माध्यम से शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश सामने आया। नर्तकों की ऊर्जावान गतिविधियों, आकर्षक मुखौटों और पारंपरिक वेशभूषा ने लोक नृत्य की विशिष्ट शैली को उभारा। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया क्षेत्र से जुड़ी छऊ परंपरा में मुखौटों, शारीरिक कौशल और पौराणिक कथाओं का खास स्थान है। कार्यक्रम में विद्यालय की विभिन्न इकाइयों के विद्यार्थी और प्राचार्यगण उपस्थित रहे। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की और पूरे उत्साह के साथ तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।

सांस्कृतिक संदेश

अकलंक विद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष जैन और सचिव अनिमेष जैन ने कहा कि भारतीय लोक कलाएं देश की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की संवाहक हैं। उनके अनुसार, विद्यार्थियों को इन कलाओं से परिचित कराना जरूरी है, ताकि वे अपनी विरासत को समझें और उसका सम्मान करें। स्पिक मैके जैसे मंच शास्त्रीय और लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोजन के जरिए विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से बाहर निकलकर भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को देखने और समझने का अवसर मिला। ऐसी प्रस्तुतियां कला और संस्कृति के प्रति उनकी जिज्ञासा भी बढ़ाती हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना जोशी ने कलाकारों का आभार व्यक्त किया और उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति की सराहना की। पुरुलिया छऊ के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोक नृत्य की रंगीन वेशभूषा, पारंपरिक मुखौटों और नाटकीय अभिव्यक्ति को करीब से देखा। आयोजन ने भारतीय लोक परंपराओं के प्रति रुचि और सम्मान का संदेश दिया। विद्यालय में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को महिषासुरमर्दिनी की कथा के साथ शक्ति और साहस के विचारों से भी जोड़ा। इस अनुभव ने लोक कलाओं की विविधता को समझने का अवसर भी प्रदान किया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

Rex TV India Author:अजय त्यागी October 12, 2026: 10:42 PM © 2026 Rex TV India Contact @ 91 6376887816 | rextvindia@gmail.com
— End of Article —