जयपुर, राजस्थान। कर्मचारी बोनस, लंबित परिलाभ और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने प्रदेशव्यापी ज्ञापन अभियान की घोषणा की है। प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ के आह्वान पर 16 अक्टूबर 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। महासंघ की प्रमुख मांगों में पहले प्रस्तुत 25 सूत्रीय मांगपत्र का तत्काल निराकरण और दीपावली से पहले पात्र कर्मचारियों को बोनस का नकद भुगतान शामिल है। संगठन ने लंबित मामलों पर ठोस कार्रवाई की मांग उठाई है। [विडियो]
प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ का कहना है कि राज्य कर्मचारी सरकारी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन अपने ही भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना चिंता का विषय है। महासंघ ने जीपीएफ, राज्य बीमा, ग्रेच्युटी और समर्पित अवकाश यानी पीएल के बकाये समय पर जारी करने की मांग की है। संगठन के अनुसार, कई सेवानिवृत्त कर्मचारी सेवा पूरी करने के बाद भी अपने देय भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। कर्मचारी बोनस के साथ इन लंबित परिलाभों का निपटारा भी अभियान का प्रमुख मुद्दा रहेगा।
महासंघ ने मांग की है कि दीपावली को ध्यान में रखते हुए पात्र राज्य कर्मचारियों को कर्मचारी बोनस समय पर नकद दिया जाए, जिससे वे परिवार के साथ त्योहार मना सकें। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी लंबित परिलाभों का भुगतान तत्काल करने और बकाया रोकने वाली प्रक्रियाओं में सुधार की मांग भी उठाई जाएगी। प्रदेश महामंत्री मोहनलाल शर्मा ने कहा कि त्योहार के समय कर्मचारियों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार, कर्मचारियों से निष्ठापूर्वक काम की अपेक्षा के साथ उनके आर्थिक हितों और अधिकारों की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
16 अक्टूबर के ज्ञापन अभियान में नियमित कर्मचारियों के साथ संविदा, निविदा और ठेका कर्मचारी, जनता जल योजना के श्रमिक, आंगनबाड़ी कर्मचारी, वाहन चालक, होमगार्ड, मंत्रालयिक और अधीनस्थ कर्मचारी भी शामिल होंगे। महासंघ इन वर्गों की सेवा सुरक्षा, आर्थिक हितों और लंबित समस्याओं को 25 सूत्रीय मांगपत्र के माध्यम से उठाएगा। इसी क्रम में 16 अक्टूबर को भीलवाड़ा में कर्मचारी महासंघ एकीकृत के जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट के नेतृत्व में दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिए जिले में भी कर्मचारियों की लंबित मांगों और आर्थिक हितों का मुद्दा उठाया जाएगा।
महासंघ ने जिला अध्यक्षों, जिला महामंत्रियों और अन्य पदाधिकारियों से अपने अपने जिला मुख्यालयों पर अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की एकजुट आवाज से लंबित मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रखा जा सकेगा। कर्मचारी बोनस, सेवानिवृत्त कर्मियों के बकाया भुगतान और 25 सूत्रीय मांगपत्र के निराकरण को लेकर महासंघ ने स्पष्ट किया है कि अब केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होंगे। उसकी मांग है कि सरकार ठोस निर्णय लेकर समयबद्ध तरीके से उन्हें लागू करे, ताकि कर्मचारियों को उनके अधिकारों और आर्थिक देयों के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
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Author:अजय त्यागी
October 15, 2026: 10:25 PM
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