हिसार, हरियाणा। ओलावृष्टि से नुकसान और बदलते मौसम ने प्रदेश के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार, 24 अक्टूबर को हिसार, जींद, फतेहाबाद और भिवानी में हल्की बारिश हुई। कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे और भिवानी में तेज आंधी चली। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार, 25 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम में आए इस बदलाव के बीच रात का तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया। [1] [Video]
मौसम विशेषज्ञ चंद्रमोहन के अनुसार, मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ शुक्रवार रात सक्रिय हुआ और शनिवार सुबह से इसका असर दिखाई देने लगा। हरियाणा के साथ दिल्ली एनसीआर में भी बादल छाए रहे। महेंद्रगढ़ जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद और भिवानी में तेज हवाएं चलीं और आंधी का असर दिखाई दिया। शाम 5 बजे के बाद कई स्थानों पर हल्की बारिश और छिटपुट ओलावृष्टि हुई। मौसम विभाग ने रविवार को भी विशेषकर उत्तरी हरियाणा में मौसम बदलने का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और जींद में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन जिलों में हल्की बारिश होने की भी संभावना है। शुक्रवार रात रोहतक, झज्जर, कैथल, जींद और कुरुक्षेत्र में हल्की बारिश के साथ कहीं कहीं ओलावृष्टि हुई थी। मौसम में इस बदलाव के कारण प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को भी तेज हवाओं और बादलों के चलते लोगों को मौसम में बदलाव महसूस हो सकता है। किसानों के लिए अगले दिन का मौसम खास महत्व रखता है।
चरखी दादरी जिले में बारिश और ओलावृष्टि से 12 गांवों में धान और कपास की फसल प्रभावित हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, धान का प्रभावित रकबा 11,765 एकड़ यानी करीब 4,706 हेक्टेयर है। कपास की 190 एकड़ यानी 76 हेक्टेयर फसल भी प्रभावित हुई है। पैंतावास कलां और अखत्यारपुरा में धान की फसल को 26 से 50 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। इन आंकड़ों से प्रभावित कृषि क्षेत्र का अंदाजा मिलता है। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के चलते संबंधित गांवों के किसानों के सामने उत्पादन और आमदनी को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
ओलावृष्टि से नुकसान के बीच रविवार को हरियाणा के कई जिलों में तेज हवाएं और हल्की बारिश मौसम की प्रमुख गतिविधियां रह सकती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार को कई स्थानों पर बादल, बूंदाबांदी और ओलावृष्टि देखने को मिली। इसके साथ ही प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई। चरखी दादरी के 12 गांवों में धान और कपास की फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। पैंतावास कलां और अखत्यारपुरा में धान की फसल को 26 से 50 प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेती से जुड़े जरूरी फैसले लेने चाहिए।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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Author:अजय त्यागी
October 25, 2026: 11:41 AM
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