कंपाला, युगांडा। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की यात्रा कर लौटने वाले अपने नागरिकों के लिए युगांडा ने 21 दिन क्वारंटीन अनिवार्य किया है। स्वास्थ्य मंत्री क्रिस ब्यारोमुनसी ने 25 अक्टूबर 2026 को यह घोषणा की। सरकार ने यह कदम इबोला से बचाव के लिए उठाया है, जबकि उसका कहना है कि देश में फिलहाल इबोला का सक्रिय प्रकोप नहीं है। हाल में युगांडा से होकर गुजरे यात्रियों के केन्या और नाइजीरिया में इबोला संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य निगरानी कड़ी की गई है। अधिकारियों की जांच में यात्रा विवरण और संपर्कों की पड़ताल शामिल है। [1] [Video]
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, कांगो की यात्रा का इतिहास रखने वाले युगांडा के नागरिकों को लौटने पर 21 दिन क्वारंटीन में रहना होगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि कांगो से लौटने वाले नागरिकों के लिए इस अवधि की व्यवस्था संक्रमण की आशंका पर निगरानी का हिस्सा है। युगांडा ने एंटेबे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सभी जमीनी सीमा चौकियों पर यात्रियों की जांच बढ़ा दी है। देश में हवाई, सड़क या जल मार्ग से आने वाले सभी यात्रियों को संपर्क और यात्रा संबंधी जानकारी वाला यात्री फॉर्म भरना होगा। सरकार का लक्ष्य संभावित संक्रमण की कड़ी को समय रहते पहचानना है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब केन्या और नाइजीरिया में इबोला के मामले सामने आए हैं और दोनों मामलों में यात्रा मार्गों को लेकर जांच चल रही है। केन्या में सामने आए पहले मरीज ने कांगो से युगांडा होते हुए 3 अक्टूबर को नैरोबी की यात्रा की थी और 2 दिन बाद उसकी मौत हो गई। नाइजीरिया में संक्रमित मिली महिला भी उसी दिन युगांडा से अदीस अबाबा होते हुए अबुजा पहुंची थी। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों यात्रियों ने एंटेबे हवाई अड्डे का इस्तेमाल किया था, लेकिन सीसीटीवी समीक्षा में उनके बीच सीधा संपर्क नहीं मिला।
नाइजीरिया के मामले में स्विट्जरलैंड के अधिकारियों ने आशंका जताई कि महिला को संक्रमण युगांडा में हुआ। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्री ने इस निष्कर्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला के ऐसे रिश्तेदार उससे मिले थे, जो पहले कांगो जा चुके थे। युगांडा और नाइजीरिया के अधिकारी यात्रा रिकॉर्ड, संपर्कों और वायरस के आनुवंशिक विश्लेषण की मदद से संक्रमण का संभावित स्रोत तलाश रहे हैं। जांच के दौरान किसी एक मार्ग को अंतिम कारण नहीं माना गया है। युगांडा में केन्या से जुड़े मामले के 60 संपर्कों ने निगरानी की 21 दिन की अवधि पूरी कर ली है और उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
युगांडा ने जुलाई में अपने पिछले इबोला प्रकोप के समाप्त होने की घोषणा की थी। अब 21 दिन क्वारंटीन और सीमा जांच बढ़ाने का फैसला इस बात को दिखाता है कि अधिकारी पड़ोसी देशों में संक्रमण के बाद फिर से फैलाव रोकने पर ध्यान दे रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सीमा पार निगरानी और देशों के बीच सहयोग मजबूत करने की जरूरत बताई है। कांगो में इबोला का प्रकोप जारी है और वहां स्वास्थ्यकर्मी संक्रमण रोकने के लिए काम कर रहे हैं। युगांडा के लिए अब अहम चुनौती यात्रियों की आवाजाही जारी रखते हुए संभावित संक्रमण की पहचान और रोकथाम करना है।
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Author:अजय त्यागी
October 26, 2026: 12:41 PM
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