WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
प्रादेशिक

सिरोही में ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

सिरोही में ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर में छात्राएँ विभिन्न हुनर सीख रही हैं। यह शिविर आत्मनिर्भरता और रचनात्मकता का संगम है।

By अजय त्यागी
1 min read
ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर

ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

सिरोही (शिंभु सिंह शेखावत)। राजस्थान के सिरोही जिले में भारत स्काउट गाइड जिला मुख्यालय द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर छात्राओं के लिए सीखने का एक नया केंद्र बन गया है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विशिष्ट पूर्व बाल मंदिर में 18 मई से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून 2026 तक जारी रहेगा। यहाँ बड़ी संख्या में छात्राएँ नृत्य, संगीत और अन्य व्यावसायिक कौशल को बड़ी लगन के साथ सीख रही हैं।

शिविर के उद्देश्य

इस शिविर का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और हुनरमंद बनाना है। यहाँ छात्राओं को सिलाई, कढ़ाई, मेहंदी, ब्यूटी पार्लर, कुकिंग, पाक कला, नृत्य एवं संगीत का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। "शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारना एवं उन्हें व्यावहारिक कौशल से जोड़ना है," ताकि वे भविष्य में किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाकर स्वावलंबी बन सकें, जैसा कि स्काउट के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है।

बढ़ता हुआ उत्साह

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं में गजब की ऊर्जा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का संचार देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से नृत्य प्रशिक्षण सत्र में छात्राएँ पूरे उत्साह के साथ भाग ले रही हैं। प्रशिक्षकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में मानसिक और शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके भीतर छिपी कलात्मक प्रतिभा को बाहर आने का सुनहरा अवसर मिलता है।

सीखने का अवसर

सीओ स्काउट एम. आर. वर्मा ने जानकारी दी कि जो छात्र-छात्राएँ अभी भी किसी कौशल को सीखने के इच्छुक हैं, वे शिविर में प्रवेश लेकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। यह ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर न केवल शिक्षा बल्कि संस्कारों और रचनात्मक गतिविधियों का एक सुंदर संगम बन गया है। अभिभावकों ने भी इस अनूठी पहल की खुले दिल से सराहना करते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए बेहद प्रेरणादायी बताया है।

महत्वपूर्ण आगामी आयोजन

शिविर को और अधिक रोचक बनाने के लिए विभिन्न तिथियों पर विशेष प्रतियोगिताओं का खाका तैयार किया गया है। सहायक संचालक गोपाल सिंह राव के अनुसार, 31 मई को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस और 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कृत भी किया जाएगा।

कौशल का भविष्य

आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल का होना भी अनिवार्य है। यह प्रशिक्षण शिविर बच्चों को समाज और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के लिए तैयार कर रहा है। सिलाई से लेकर ब्यूटी पार्लर तक के कोर्स उन्हें भविष्य में स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान करेंगे। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय स्तर पर हुनरमंद युवाओं की एक नई पौध तैयार हो रही है।

रचनात्मकता और संस्कार

प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे इस प्रयास से स्थानीय नागरिकों के बीच काफी उत्साह है। शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों के समावेश से छात्रों का सर्वांगीण विकास संभव हो पा रहा है। यह ग्रीष्मकालीन कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर आने वाले वर्षों में सिरोही जिले के विद्यार्थियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। छात्रों की मेहनत और लगन देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वे आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में योगदान देंगे।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी संबंधित स्काउट गाइड जिला मुख्यालय द्वारा स्थानीय रिपोर्टर को प्रदान की गई आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है। यह केवल जनहित में कौशल विकास के प्रति जागरूकता हेतु तैयार की गई है। किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रवेश लेने से पूर्व संबंधित संस्थान के दिशानिर्देशों का पालन करें। इस जानकारी के आधार पर लिए गए निर्णयों के लिए लेखक और प्रकाशक/संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief