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उत्तर प्रदेश

मुजफ्फरनगर में आईपीएल सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर पुलिस और एसओजी ने एक बड़े आईपीएल सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना परवेज सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

By अजय त्यागी
1 min read
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

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आईपीएल सट्टा गिरोह पर मुजफ्फरनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोरना क्षेत्र में एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि परवेज नाम का व्यक्ति अपने घर से ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन कर रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया है।

गिरफ्तारी और बरामदगी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में परवेज, साजिद, गुलफाम, दीपक और जाहूलक शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लाख रुपये नकद, सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट बरामद किया है। एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक ने बताया कि "गिरोह 99 ईएक्ससीएच एप के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टा लगवाता था," जो कि पूरी तरह से अवैध है।

आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे पिछले डेढ़ वर्ष से इस कारोबार में सक्रिय थे। वे टेलीग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया साइटों के माध्यम से अपने क्लाइंट्स से संपर्क साधते थे। इस नेटवर्क से लगभग 600 क्लाइंट्स जुड़े हुए थे, जो लगातार दांव लगाते थे। परवेज इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक और बुकी था, जो एप का उपयोग कर सट्टेबाजी कराता था।[1]

वित्तीय नेटवर्क सील

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी परवेज के पांच बैंक खातों को सील करने की कार्रवाई की है। इनमें एचडीएफसी, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और एसबीआई की विभिन्न शाखाओं के खाते शामिल हैं। इन खातों में जमा करीब एक लाख रुपये को फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस का मानना है कि "यह आईपीएल सट्टा गिरोह प्रतिदिन चार लाख रुपये का सट्टा संचालित करता था," जिससे प्रतिमाह सवा करोड़ का लेनदेन होता था।

वित्तीय जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी एकत्रित धनराशि को ऑनलाइन एप में निवेश करते थे और मुनाफे को आपस में बांट लेते थे। अन्य सदस्य अपने क्षेत्रों से नकद और डिजिटल माध्यम से पैसे एकत्र करने का कार्य करते थे। इन खातों के माध्यम से करोड़ों का हेरफेर किया जा रहा था, जिस पर अब पुलिस की पैनी नजर है और आगे की पूछताछ जारी है।

कार्यप्रणाली और जाल

आरोपियों का आपस में मिलन व्हाट्सएप ग्रुप और एक विशिष्ट सट्टेबाजी एप के माध्यम से हुआ था। सभी सदस्य मध्यम वर्ग से संबंध रखते हैं, लेकिन वे कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे में फंस गए। पुलिस अन्य संबंधित व्यक्तियों की भी तलाश कर रही है जो इस नेटवर्क को और अधिक विस्तार देने में मदद करते थे।

आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी गहन छानबीन की जा रही है। एसपी देहात ने बताया कि अन्य अपराधियों के क्षेत्रों से जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि डिजिटल माध्यमों से सट्टा खेलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

सट्टेबाजी का खतरा

ऑनलाइन सट्टेबाजी की यह घटना समाज के युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। एप के माध्यम से सट्टा खिलाने वाले ऐसे गिरोह लोगों को तेजी से अमीर बनने का सपना दिखाते हैं, लेकिन अंततः लोग अपनी जमा पूंजी गंवा देते हैं। आईपीएल सट्टा गिरोह के खिलाफ यह कार्रवाई कानून की सख्ती को दर्शाती है और ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए एक बड़ा संदेश है।

पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन एप या सट्टेबाजी नेटवर्क के लालच में न आएं। यदि किसी को आईपीएल सट्टा गिरोह जैसी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। समाज की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए इस तरह के ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क को जड़ से मिटाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी पुलिस विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान तथ्यों की पुष्टि न्यायालय द्वारा की जाएगी। इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या होने वाले परिणामों के लिए लेखक और प्रकाशक/संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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