फतहनगर में गौ चिकित्सालय निर्माण हेतु हुआ भूमि पूजन
फतहनगर में गौ सेवा के लिए क्षेत्र का पहला गौ चिकित्सालय बनने जा रहा है, जिसका भूमि पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ है।
गौ चिकित्सालय का भूमि पूजन
उदयपुर (शिंभु सिंह शेखावत)। गौ चिकित्सालय के निर्माण हेतु फतहनगर में श्री पशुपतिनाथ निराश्रित पशु सेवा समिति ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं पुनीत पहल की है। सनवाड़ रीको इंडस्ट्रियल एरिया के मुख्य मार्ग के समीप आयोजित इस भूमि पूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी एवं गुरु पुष्य नक्षत्र के शुभ संयोग पर अभिजीत मुहूर्त में विधि-विधान से नींव रखी गई, जो निराश्रित पशुओं के लिए वरदान साबित होगा।
वैदिक विधि विधान
पंडित आशुतोष दाधीच ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन के समस्त अनुष्ठान पूर्ण कराए। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से श्री गौमाता एवं श्री नंदी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। समिति के अध्यक्ष चंचल स्वर्णकार ने बताया कि इस चिकित्सालय का निर्माण एक लंबे सपने के साकार होने जैसा है, जिसे समाज के सहयोग से बहुत जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर संरक्षक मुकेश गडोलिया एवं सत्यनारायण अग्रवाल ने कहा कि गौ संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में सचिव निखिल खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष शशिकांत अग्रवाल एवं साहिल अग्रवाल सहित व्यवस्थापक प्रिंस तेली ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं। पूर्व नगरपालिका चेयरमैन राजेश चपलोत एवं वर्दीशंकर बुनकर ने भी इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और समिति के प्रयासों की जमकर सराहना की।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित गौ चिकित्सालय के निर्माण से फतहनगर-सनवाड़ सहित आसपास के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित, घायल एवं बीमार गौवंश को समय पर आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा। वर्तमान में गंभीर रूप से घायल पशुओं को उपचार के लिए दूरदराज के केंद्रों तक ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार पशुओं की स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पशु चिकित्सक डॉ. हरिओम कुमावत ने चिकित्सालय की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहाँ प्राथमिक उपचार से लेकर आपातकालीन सेवाओं तक की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। घायल पशुओं के उपचार हेतु उचित सुविधाओं का अभाव लंबे समय से एक बड़ी समस्या रहा है। ऐसे में, यह विशेष चिकित्सालय गौ सेवा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो भविष्य में हजारों पशुओं का जीवन बचाएगा।
समाज की भागीदारी
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी मांगीलाल सांखला एवं शिवकुमार डिडवानिया ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को गौ सेवा में अपना योगदान देना चाहिए। समिति पिछले काफी समय से सड़क पर असहाय पड़े घायल पशुओं को बचाने का काम कर रही है। भविष्य में भी गौ संरक्षण एवं पशु सेवा से जुड़े विभिन्न जनहितकारी कार्य निरंतर जारी रहेंगे, ताकि कोई भी निराश्रित पशु चिकित्सा के अभाव में कष्ट न भोगे।
उपस्थित सभी नागरिकों ने इस अनूठी पहल का स्वागत करते हुए आर्थिक एवं नैतिक सहयोग देने का पूर्ण विश्वास दिलाया। गौ सेवा के इस महायज्ञ में स्थानीय युवाओं की टोली भी सक्रिय है। यह गौ चिकित्सालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि करुणा और सेवा का केंद्र होगा। समाज की सक्रिय भागीदारी ही ऐसे बड़े विकास कार्यों को गति प्रदान करती है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनेगी।
सेवा का संकल्प
समिति का उद्देश्य गौवंश को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। इस गौ चिकित्सालय के शुरू होने से न केवल समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि गौवंश के प्रति लोगों में संवेदनशीलता भी बढ़ेगी। फतेहनगर के इस मॉडल को आसपास के अन्य जिलों में भी दोहराने की आवश्यकता है। पशु सेवा में समर्पित यह पूरी टीम अब निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने की दिशा में जुट गई है, ताकि जल्द ही इसे धरातल पर उतारा जा सके।
अंत में, सभी दानदाताओं और गौसेवकों का आभार व्यक्त किया गया। इस पुनीत कार्य के लिए समिति के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर भी जनसंपर्क करने का निर्णय लिया है। गौमाता का आशीर्वाद लेने के लिए यह एक बड़ा कदम है। यह चिकित्सालय सेवा और समर्पण का प्रतीक बनकर उभरेगा, जहां हर असहाय पशु को नया जीवन प्राप्त होगा। समाज के सहयोग से ही इस सेवा कार्य को नई ऊंचाइयां दी जा सकती हैं।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी संबंधित समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम और प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। निर्माणाधीन चिकित्सालय की सुविधाओं और आधिकारिक दान प्रक्रिया की पुष्टि के लिए संबंधित समिति के कार्यालय से संपर्क करना उचित होगा। इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक एवं प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।