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राजस्थान

जोधपुर दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का बीस कोच के साथ हुआ विस्तार

जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस अब 20 कोच के साथ चलेगी, साथ ही जैसलमेर में नए कोच केयर कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ किया गया है।

By अजय त्यागी
1 min read
जैसलमेर कोच केयर काम्प्लेक्स का लोकार्पण

जैसलमेर कोच केयर काम्प्लेक्स का लोकार्पण

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वंदे भारत एक्सप्रेस के सफर में आज मारवाड़ के रेल विकास का एक नया अध्याय जुड़ गया है। जोधपुर से दिल्ली कैंट के बीच चलने वाली इस सेमी-हाईस्पीड ट्रेन को अब बीस कोच के साथ संचालित किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह विस्तार एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।[1]

क्षमता में भारी वृद्धि

इस ट्रेन के नए स्वरूप के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि कोच की संख्या आठ से बढ़ाकर सीधे बीस कर दी गई है। ट्रेन के नए संयोजन में 78 सीटों वाले 16 डिब्बे, 44 सीटों वाले 2 डिब्बे और 52 सीटों वाले 2 डिब्बे शामिल हैं। इस बदलाव के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस की कुल यात्री क्षमता 530 से बढ़कर 1440 हो गई है, जो दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत है।

अब वेटिंग लिस्ट की समस्या से जूझ रहे यात्रियों को निश्चित रूप से अधिक टिकट उपलब्ध होंगे और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। यह परिवर्तन न केवल यात्रियों के समय की बचत करेगा, बल्कि मारवाड़ और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को भी और अधिक मजबूत बनाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए इस विस्तार को समय रहते पूरा करने का सराहनीय कार्य किया है।

कोच केयर कॉम्प्लेक्स

कार्यक्रम के दौरान जैसलमेर के नवनिर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इससे सीमांत जिले जैसलमेर में ट्रेनों के रखरखाव, मरम्मत और उच्च स्तरीय साफ-सफाई की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। पहले इन कार्यों के लिए ट्रेनों को दूर के डिपो तक ले जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी, लेकिन अब यह समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो गई है।

दोनों मंत्रियों ने इस आधुनिक परिसर को जनता को समर्पित करते हुए कहा कि यह जैसलमेर के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक मील का पत्थर है। अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह कॉम्प्लेक्स न केवल ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यटन नगरी के रूप में जैसलमेर की ख्याति को रेल नेटवर्क के माध्यम से और अधिक बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा।

ट्रेन का विस्तार

पर्यटन नगरी जैसलमेर को सीधे गुजरात से जोड़ने के लिए एक और बड़ी सौगात दी गई है। साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20486/20485) का विस्तार अब जैसलमेर तक कर दिया गया है। आज जैसलमेर-साबरमती उद्घाटन स्पेशल ट्रेन के रूप में इस सेवा का शुभारंभ किया गया। इस विस्तार से राजस्थान के जैसलमेर और गुजरात के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों व पर्यटकों को अब वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी सीधी रेल सुविधा मिल सकेगी।

क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन के नजरिए से यह रेल विस्तार बेहद अहम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस सौगात के लिए रेल मंत्रालय का आभार जताया है। यात्रियों का कहना है कि अब उन्हें गुजरात जाने के लिए जोधपुर तक ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी यात्रा का समय और खर्च दोनों ही कम हो जाएंगे। यह निर्णय निश्चित रूप से सीमांत क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगा।

आधुनिक रेल यात्रा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय रेलवे आधुनिक युग में प्रवेश कर चुका है। वंदे भारत एक्सप्रेस न केवल गति का प्रतीक है, बल्कि यह यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी प्रदान कर रही है। मारवाड़ क्षेत्र के लिए यह दिन ऐतिहासिक है क्योंकि एक साथ कई रेल परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ है। रेलवे अब दूर-दराज के क्षेत्रों को जोड़ने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है।

जैसलमेर और जोधपुर रेल मंडल में हुए इन सुधारों से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि माल ढुलाई और पार्सल सेवाओं में भी तेजी आएगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी ऐसी ही नई सेवाएं शुरू की जाती रहेंगी ताकि यात्रा अनुभव को और बेहतर बनाया जा सके। मारवाड़ का रेल नेटवर्क अब देश के प्रमुख शहरों से और अधिक तेजी से जुड़ रहा है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी रेल मंत्रालय और आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। ट्रेनों की समय-सारणी और आरक्षण से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक रेलवे वेबसाइट या स्टेशन पूछताछ केंद्र से पुष्टि करना उचित होगा। इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय या परिणामों के लिए लेखक एवं प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief