WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
क्राइम

दिल्ली एयरपोर्ट पर भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त  

दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी का मामला सामने आया है। कस्टम विभाग ने 17.720 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया है।

By अजय त्यागी
1 min read
एयरपोर्ट पर जब्त हाइड्रोपोनिक गांजा

एयरपोर्ट पर जब्त हाइड्रोपोनिक गांजा

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग की सतर्कता के चलते हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हुआ है। विभाग के अधिकारियों ने तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में नशीला पदार्थ (हाइड्रोपोनिक गांजा) बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और तस्करों के नापाक मंसूबों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया था। कस्टम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बैंकॉक से आ रहे एक संदिग्ध यात्री पर पहले से ही कड़ी नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान शारजाह से आए एक अन्य यात्री की गतिविधियों पर भी संदेह हुआ, जिसे ग्रीन चैनल के पास रोककर पूछताछ की गई। इसी दौरान पूरी साजिश का खुलासा हो सका।[1]

तस्करी का खुलासा

पूछताछ के दौरान शारजाह से आए यात्री ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह केवल एक बुक किए गए बैग को प्राप्त करने के लिए वहां आया था। उस बैग पर बैंकॉक से आने वाले यात्री का नाम लिखा हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि "तस्करों ने पकड़े जाने के डर से तस्करी के इस अनोखे तरीके को अपनाया था, ताकि सामान लेने वाला और लाने वाला अलग-अलग व्यक्ति हो।"

बैग की गहन तलाशी के दौरान अधिकारियों को इसके भीतर छुपाकर रखी गई 17.720 किलोग्राम की भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ। इस बरामदगी के बाद दोनों यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन सा बड़ा ड्रग सिंडिकेट सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

हाई-प्रोफाइल ड्रग्स

सामान्य गांजे की तुलना में हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाया गया गांजा अधिक नशीला और महंगा माना जाता है। इसमें पौधों को मिट्टी की जगह विशेष पोषक तत्वों वाले पानी में उगाया जाता है, जिससे इसकी शुद्धता और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी भारी मांग है और तस्कर इसे ऊंचे दामों पर बेचने के लिए दिल्ली जैसे महानगरों का इस्तेमाल ट्रांजिट हब के रूप में करते हैं।

सीमा शुल्क विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, "आईजीआई एयरपोर्ट की सुरक्षा कड़ी होने के बावजूद अपराधी तस्करी के नए तरीके ढूंढ रहे हैं।" बरामद किए गए इस हाइड्रोपोनिक गांजा को फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि इसके स्रोत और उत्पादन स्थल के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके। इस मामले में आगे की कड़ी जांच जारी है और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

सुरक्षा और सतर्कता

दिल्ली एयरपोर्ट पर पिछले कुछ समय में मादक पदार्थों की बरामदगी के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी गई है। कस्टम विभाग अब अपनी खुफिया जानकारी के तंत्र को और अधिक मजबूत कर रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि ग्रीन चैनल से निकलने वाले हर संदिग्ध यात्री की अब बायोमेट्रिक और अन्य उन्नत तकनीकी उपकरणों से स्कैनिंग की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी को पूरी तरह से रोका जा सके।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि एयरलाइंस और ग्राउंड स्टाफ को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध सामान या यात्रियों की तुरंत सूचना दें। बरामद नशीले पदार्थ की इतनी बड़ी खेप का पकड़ा जाना विभाग की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जांच एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के लिंक की कड़ी जोड़ने के लिए अब बैंकॉक और शारजाह के संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क स्थापित कर रही हैं।

गिरोह की धरपकड़

इस मामले में शामिल आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल डेटा को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही ड्रग्स के इस पूरे रैकेट के सरगना तक पहुंचने में मदद मिलेगी। एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बल अब पहले से कहीं अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। यह घटना स्पष्ट करती है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े मापदंडों की कोई भी चूक तस्करों के लिए एक मौका बन सकती है।

अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए ठोस सबूत जुटाए जा रहे हैं। नशाखोरी के खिलाफ जारी इस लड़ाई में कस्टम विभाग की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जनता और अन्य यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करें ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस रिपोर्ट में प्रस्तुत जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और प्राप्त शुरुआती विवरणों पर आधारित है। यह केवल जनहित में सूचना साझा करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। न्यायिक प्रक्रिया और जांच रिपोर्ट के अनुसार तथ्यों में बदलाव हो सकता है। इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी हेतु लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं होंगे।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief