आईपीएल सट्टेबाजी पर कार्रवाई से मचा हड़कंप पुलिस की बड़ी कारवाई
झारसुगुड़ा पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी पर कार्रवाई की है। आठ सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर 5 लाख से अधिक नकद और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी और बरामद सामान
ओडिशा के झारसुगुड़ा में आईपीएल सट्टेबाजी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। ब्रजराजनगर पुलिस ने गांधी चौक और रामपुर इलाके के किराए के मकानों में छापा मारकर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह ऑपरेशन तब चलाया गया जब आईपीएल के लाइव मैच चल रहे थे और सट्टेबाज सक्रिय रूप से ऑनलाइन प्लेटफार्मों का उपयोग करके दांव लगवा रहे थे।
पुलिस ने इस धावे के दौरान 5,09,100 रुपये नकद और विभिन्न बैंक खातों में जमा 3,70,000 रुपये फ्रीज किए हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने दो लैपटॉप, 41 मोबाइल फोन और दो महंगी गाड़ियां भी जब्त की हैं। पुलिस अधीक्षक जी राघवेंद्र रेड्डी ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क काफी फैला हुआ था, जिसे अब कड़ी निगरानी में लिया गया है।[1]
गिरोह का पर्दाफाश
पकड़े गए आरोपियों में मुख्य सट्टेबाज राहुल साहू के अलावा गोविंद दास महंत, आकाश श्रीवास्तव, विशाल कुमार रवि, भीम कुमार राम, मनु सिंह, शंकर प्रसाद राम और राजीव कुमार शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि "ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी पर कार्रवाई के बाद अब मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है।" मुख्य आरोपी को जल्द ही हिरासत में लेने का भरोसा पुलिस ने दिलाया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी लाइव क्रिकेट ऐप्स का उपयोग करके लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देते थे। ये सट्टेबाज किराए के मकानों को अपना अड्डा बनाकर पुलिस की नजरों से बचकर धंधा चला रहे थे। ब्रजराजनगर पुलिस की सक्रियता के कारण इस गिरोह की गतिविधियों को समय रहते रोक दिया गया, जिससे युवाओं को गुमराह होने से बचाया जा सके।
सट्टेबाजी का जाल
आईपीएल सट्टेबाजी पर कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे सट्टेबाजी नेटवर्क पर गहरा प्रहार हुआ है। गांधी चौक और रामपुर जैसे रिहायशी इलाकों में चल रहे इन केंद्रों से पुलिस ने भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं, जो बताते हैं कि सट्टा कितना व्यवस्थित था। तकनीकी जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कई ऑनलाइन प्लेटफार्मों के जरिए पूरे देश में दांव लगवा रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि "छापेमारी के समय एक आईपीएल मैच चल रहा था और सट्टेबाजी भी जोरों पर थी।" आरोपी विभिन्न मोबाइल एप्लिकेशन और डिजिटल माध्यमों का प्रयोग कर रहे थे, ताकि किसी को भनक न लगे। हालांकि, खुफिया जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ छापा मारा और सभी आठ आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता हासिल की।
भविष्य की सतर्कता
भविष्य में, पुलिस प्रशासन ऐसी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए निगरानी बढ़ाएगा। आईपीएल सट्टेबाजी पर कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा और कानून के प्रति भरोसा बढ़ा है। पुलिस विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि सट्टेबाजी के इस तरह के धंधे को जड़ से समाप्त किया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस तरह के गैर-कानूनी कामों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। आईपीएल सट्टेबाजी पर कार्रवाई यह संदेश देती है कि डिजिटल अपराध में शामिल होने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम पूरी निष्ठा से करेगा।
डिस्क्लेमर:
प्रस्तुत रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के संबंध में लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी प्रकार का उत्तरदायित्व स्वीकार नहीं करते हैं। पुलिस के आधिकारिक बयान ही इस मामले में फाइनल माने जाने चाहिए। किसी भी कानूनी विवाद के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक का उत्तरदायित्व सीमित है।