व्यावसायिक शिक्षकों ने आन्दोलन की चेतावनी दी और प्रदर्शन किया
हरियाणा मॉडल लागू करने और 25 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर व्यावसायिक शिक्षकों ने आन्दोलन की चेतावनी दी और प्रदर्शन किया।
ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए
राजस्थान के भीलवाडा में हरियाणा मॉडल लागू करने और 25 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए व्यावसायिक शिक्षकों ने आन्दोलन की चेतावनी दी। अखिल राजस्थान कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौर के आव्हान पर सात दिवसीय विरोध के तहत यह कदम उठाया गया है। महासंघ के घटक व्यावसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति राजस्थान के बैनर तले अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान हरियाणा मॉडल लागू करने की मांग जोर-शोर से उठाई गई है।
प्रदर्शन की चेतावनी
महासंघ जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट ने इस प्रदर्शन के दौरान स्पष्ट किया कि हमारी जायज मांगो के लिए आज व्यावसायिक शिक्षकों ने आन्दोलन की चेतावनी दी है, ताकि सरकार समय रहते उनकी सुध ले। उन्होंने कहा कि "जब तक सरकार कर्मचारियों की 25 सूत्रीय मांगे नहीं मान लेती, विरोध लगातार चलता रहेगा।" शिक्षकों का स्पष्ट मानना है कि सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए अन्यथा आने वाले दिनों में यह विरोध और भी उग्र होगा।
हरियाणा मॉडल की मांग
व्यावसायिक शिक्षक मुरली धर शर्मा ने ज्ञापन देते हुए राजस्थान की मौजूदा कार्य स्थितियों पर असंतोष व्यक्त किया है। प्रदेश में वोकेशनल शिक्षकों को न तो समय पर वेतन मिल पाता है और न ही जॉब सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि "पड़ोसी राज्य हरियाणा और दिल्ली में 35 से 40 हजार वेतन है और 60 वर्षों तक जॉब सुरक्षा भी है। तुलनात्मक रूप से राजस्थान में स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। इसलिए मांगे नहीं मानने पर व्यावसायिक शिक्षकों ने आन्दोलन की चेतावनी दी है।"
जयपुर में आंदोलन
महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने बताया कि प्रदेशभर के व्यावसायिक शिक्षकों ने प्रदर्शन का अगला चरण जयपुर में तय किया है। यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सरकार पर मांगों को पूरा करने का भारी दबाव है और शिक्षक अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर काफी चिंतित हैं, जिससे अब प्रदेश में यह मुद्दा गरमा गया है। जिसके चलते ही व्यावसायिक शिक्षकों ने आन्दोलन की चेतावनी दी है।
आने वाले समय में यह प्रदर्शन और भी बड़ा रूप ले सकता है। सरकार को इन कर्मचारियों की 25 सूत्रीय मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना होगा। यदि समय रहते कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो राज्य भर में शिक्षकों का यह रोष एक व्यापक आंदोलन में बदल जाएगा, जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। इसी बात की व्यावसायिक शिक्षकों ने आन्दोलन की चेतावनी दी है।
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