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श्रृद्धांजलि

रणधीर सिंह का निधन: खेल इतिहास के एक युग का हुआ अंत

दिग्गज खेल प्रशासक और निशानेबाज रणधीर सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने 79 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। पूरा देश शोक में है।

By अजय त्यागी
1 min read
अनुभवी खेल प्रशासक रणधीर सिंह - File Photo

अनुभवी खेल प्रशासक रणधीर सिंह - File Photo

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रणधीर सिंह का निधन खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 79 वर्षीय यह दिग्गज निशानेबाज और अनुभवी खेल प्रशासक बीते कई दिनों से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। बुधवार को उन्होंने अपने दिल्ली स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही खेल प्रेमियों और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।

रणधीर सिंह का निधन उस समय हुआ है जब भारतीय खेल प्रशासन में उनके अनुभव की अत्यधिक आवश्यकता थी। हाल ही में उन्होंने अपने गिरते स्वास्थ्य के कारण ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें 2024 में इस प्रतिष्ठित पद के लिए चार साल के कार्यकाल हेतु चुना गया था, लेकिन स्वास्थ्य समस्याओं ने उन्हें खेल के प्रति अपनी निरंतर सेवा जारी रखने से रोक दिया।[1]

खेल में योगदान

एक शानदार खिलाड़ी के रूप में, रणधीर सिंह ने भारतीय निशानेबाजी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। वह एशियाई खेलों में निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे। खेल प्रशासन में उनके योगदान को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता है। उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के साथ दशकों तक अत्यंत सक्रिय भूमिका निभाई थी।

उनके प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान भारत ने खेल के बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के आयोजन में अभूतपूर्व प्रगति की। एक वरिष्ठ खेल अधिकारी ने उनके योगदान पर टिप्पणी करते हुए कहा:

"रणधीर सिंह भारतीय खेलों के एक स्तंभ थे। उनका अनुशासन और दूरदर्शिता हमेशा नई पीढ़ी के खिलाड़ियों और प्रशासकों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी रहेगी। उनके जाने से खेल प्रशासन में एक बहुत बड़ी रिक्तता उत्पन्न हो गई है।"

संक्षिप्त जीवन परिचय

रणधीर सिंह का जन्म 18 अक्टूबर 1946 को हुआ था। वे एक राजपरिवार से संबंध रखते थे, लेकिन उन्होंने अपना जीवन खेलों के प्रति समर्पित कर दिया। उन्होंने 1968 से 1984 के बीच लगातार पांच ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जो अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है। उनका निशानेबाजी के प्रति जुनून ही उन्हें एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक तक ले गया।

खेलों से संन्यास लेने के बाद, उन्होंने अपनी ऊर्जा को खेल प्रबंधन और प्रशासन की ओर मोड़ दिया। 1980 के दशक से वे भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव के रूप में लंबे समय तक कार्यरत रहे। उनकी कार्यशैली हमेशा खेल और खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखने की रही है। वे कई अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक रहे।

ओसीए में नेतृत्व

ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल संक्षिप्त लेकिन अत्यंत प्रभावशाली रहा। रणधीर सिंह का निधन न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरे एशियाई खेल जगत के लिए एक बड़ा आघात है। ओसीए के प्रवक्ता ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके कार्यकाल को याद किया और कहा:

"रणधीर सिंह की साख और उनके नेतृत्व में एशियाई खेलों के विकास के लिए जो नीतियां बनाई गईं, वे आने वाले दशकों तक खेल जगत का मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी। उनकी विरासत हमारे साथ हमेशा जीवित रहेगी।"

वे एक ऐसे प्रशासक थे जिन्हें खिलाड़ियों के मन की बात को गहराई से समझने के लिए जाना जाता था। खिलाड़ियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे। उन्होंने न केवल शीर्ष स्तरीय खिलाड़ियों के लिए काम किया, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें तराशने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की थीं।

विरासत और सम्मान

रणधीर सिंह को उनके खेल और प्रशासनिक जीवन में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। अर्जुन पुरस्कार और कई अन्य सम्मान उनकी उपलब्धियों के साक्षी रहे हैं। आज जब हम रणधीर सिंह का निधन देख रहे हैं, तो हमें उनकी उन उपलब्धियों का स्मरण होता है, जिसने भारतीय खेलों को एक नई दिशा और आत्मविश्वास प्रदान किया था।

अंत में, उनके निधन पर देश भर से शोक संदेश भेजे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय और खेल मंत्रालय ने भी उनकी सेवाओं को नमन किया है। यह निश्चित है कि उनकी जगह भर पाना मुश्किल होगा, लेकिन उन्होंने जो मजबूत नींव रखी है, उस पर भारतीय खेल जगत आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा। वे सदैव भारतीय खेलों के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेंगे।

डिस्क्लेमर:

यह रिपोर्ट आधिकारिक सूचनाओं और खेल जगत की जानकारियों पर आधारित है। इसे केवल जनहित एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक द्वारा जारी किया गया है। किसी भी संदर्भ में विभागीय अथवा आधिकारिक अधिसूचना को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या व्यावसायिक निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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