WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
उत्तर प्रदेश

ड्राईवर की लापरवाही से यात्रियों में मचा कोहराम, दो लोगों की मौत

ड्राईवर की लापरवाही से यात्रियों में मचा कोहराम, स्लीपर बस और ट्रक की टक्कर में दो लोगों की मृत्यु और 35 यात्री घायल हुए।

By अजय त्यागी
1 min read
बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए

बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

ड्राईवर की लापरवाही से यात्रियों में मचा कोहराम और सड़क सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। गुरुवार की सुबह गोंडा से दिल्ली की ओर जा रही एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर आगे चल रहे चावल से लदे ट्रक से जा टकराई। इस हादसे में बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दर्जनों यात्री बुरी तरह प्रभावित हुए। यह दर्दनाक घटना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन 83 के पास सुबह करीब 4:30 बजे घटित हुई।

बस में उस समय 60 से 70 यात्री सवार थे, जो अपनी मंजिल की ओर जाने के लिए निकले थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के अंदर हर तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस बल ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर मार्ग को साफ करने का प्रयास किया।[1]

नींद और थकान का घातक मेल

प्राथमिक जांच के अनुसार, ड्राईवर की लापरवाही से यात्रियों में मचा कोहराम की मुख्य वजह नींद की झपकी थी। सुबह के समय वाहन का संचालन करते समय चालक ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण बस सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। बस चालक रामजीवन (43) स्टेयरिंग और बस के अगले हिस्से के बीच बुरी तरह फंस गया था, जिसे पुलिस ने हाइड्रा मशीन की सहायता से बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला।

अस्पताल पहुँचते ही चिकित्सकों ने चालक और 35 वर्षीय यात्री रामनरेश को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लंबी दूरी की यात्रा में यदि चालक पूरी तरह से सतर्क न हो, तो परिणाम कितने घातक हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है और मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।

घायलों का अस्पताल में इलाज

हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 35 यात्रियों को पीजीआई सैफई भेजा गया है, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। ड्राईवर की लापरवाही से यात्रियों में मचा कोहराम का शिकार हुए घायलों में परवेज अहमद, मोहित, राज कुमार, रामगोपाल, राम शंकर, आशीष तिवारी, सुशीला, सपना, देवी प्रसाद, संतोष, रजनी, संजू, शिवानी, मनीषा, जगदंबा प्रसाद और धर्मपाल यादव सहित कई अन्य लोग शामिल हैं। मामूली चोट वाले यात्रियों को इलाज के बाद सुरक्षित घर भेज दिया गया है।

चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम घायलों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराने का भरोसा दिया है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन अस्पताल पहुंच रहे हैं, जहाँ कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने दुर्घटना के सभी पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार कर ली है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया को पूरी की जा सके।

सुरक्षा मानकों का उल्लंघन

सड़क परिवहन की दृष्टि से यह एक बड़ी चूक है। ड्राईवर की लापरवाही से यात्रियों में मचा कोहराम इस बात का प्रमाण है कि व्यावसायिक वाहनों में चालकों की कार्य-अवधि और उनके स्वास्थ्य परीक्षण को और अधिक सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। लंबी दूरी की बसों में दो चालकों का प्रावधान होना चाहिए ताकि थकान के कारण होने वाले ऐसे घातक हादसों को रोका जा सके।

यात्रियों को भी जागरूक रहना होगा कि वे यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करें और यदि चालक में थकान के लक्षण दिखें, तो तुरंत संबंधित प्रशासन को सूचित करें। हर जान कीमती है और इस तरह की दुर्घटनाओं से हमें सबक लेने की जरूरत है। भविष्य में सड़क पर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और वाहन मालिकों को अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से पालन करना ही होगा।

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source