प्लेटफॉर्म शेड ढहा: स्टेशन पर बड़ा हादसा, तीन लोग गंभीर घायल
प्लेटफॉर्म शेड ढहा, जिससे तीन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। रेलवे स्टेशन पर मची अफरा-तफरी के बीच बचाव कार्य तेजी से जारी है।
प्लेटफॉर्म शेड ढहा
(लखनऊ, उत्तर प्रदेश)। प्लेटफॉर्म शेड ढहा और इस आकस्मिक घटना ने रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के बीच दहशत फैला दी। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर अचानक शेड का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे गिर पड़ा, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हादसे की चपेट में आए तीन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से सुरक्षित बाहर निकाला गया।[1]
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान तुरंत मौके पर पहुंच गए और त्वरित राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद आलमबाग स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में हादसे के बाद काफी देर तक डर का माहौल बना रहा।
त्वरित बचाव अभियान
हादसे के तुरंत बाद आरपीएफ के जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए मलबे के नीचे दबे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और मलबे को हटाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। स्टेशन परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवाजाही सुचारू रहे।
इस बचाव कार्य को लेकर रेलवे के एक अधिकारी ने कहा:
"हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है और हमारी पहली प्राथमिकता घायलों का उपचार सुनिश्चित करना है। आरपीएफ की टीम ने समय पर पहुंचकर बचाव कार्य पूरा किया, अब मामले की जांच की जा रही है।"
सुरक्षा पर उठे सवाल
स्टेशन जैसे व्यस्त स्थान पर इस प्रकार का ढांचा गिरना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। करोड़ों यात्रियों के आवागमन वाले इस प्रमुख स्टेशन पर शेड की स्थिति और उसके रखरखाव पर अब कई सवाल उठ रहे हैं। क्या समय-समय पर शेड का स्ट्रक्चरल ऑडिट किया गया था? इस बड़े सवाल का जवाब रेलवे की तकनीकी जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
इस हादसे के बाद से ही यात्रियों में अपने सफर को लेकर सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। प्लेटफॉर्म शेड ढहा और इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर बुनियादी ढांचे की मजबूती कितनी आवश्यक है। रेलवे प्रशासन को अब सभी प्लेटफार्मों के शेड का विशेष निरीक्षण करना होगा ताकि प्लेटफॉर्म शेड ढहा जैसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।
प्रशासनिक जांच के आदेश
रेलवे अधिकारियों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि शेड गिरने के पीछे मुख्य कारण क्या था। प्लेटफॉर्म शेड ढहा प्रकरण को लेकर राज्य सरकार और रेलवे मंत्रालय भी काफी गंभीर है, और घायलों को उचित मुआवजा और सर्वोत्तम उपचार देने का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल, संबंधित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है।
अंततः, यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। रेलवे को अपने पुराने ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर तुरंत काम करना होगा। यह दुर्घटना एक चेतावनी है कि प्लेटफॉर्म शेड ढहा जैसी त्रासदियों को रोकने के लिए नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत ही एकमात्र समाधान है। आशा है कि जल्द ही दोषियों की पहचान की जाएगी और स्टेशन पर सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसे केवल सूचनात्मक दृष्टि से प्रकाशित किया गया है। सम्बंधित सरकारी अधिसूचना एवं रेलवे विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी ही अंतिम और प्रमाणिक मानी जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं हैं।
Lucknow, Uttar Pradesh: A portion of a platform shed collapsed on Platform No. 5 at Charbagh Railway Station, injuring three people. RPF personnel swiftly carried out rescue operations and shifted the injured to a hospital in Alambagh for treatment
— IANS (@ians_india) May 29, 2026
(Visuals from the railway… pic.twitter.com/Sf86iOTZFx