नशीली दवाओं की तस्करी से अर्जित संपत्ति कुर्क, ड्रग माफिया में हड़कंप
नशीली दवाओं की तस्करी से अर्जित संपत्ति के खिलाफ बड़ा एक्शन, दो करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त, ड्रग माफिया के नेटवर्क पर प्रशासन की नजर।
तस्करी से अर्जित संपत्ति कुर्क
(श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर)। नशीली दवाओं की तस्करी से अर्जित संपत्ति के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए प्रशासन ने करीब दो करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत ड्रग नेटवर्क के कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने यह कड़ी कार्रवाई की है। इस कार्यवाही से उन लोगों में खौफ का माहौल है जो मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के जरिए अपनी अकूत संपत्ति खड़ी कर चुके हैं।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह कार्रवाई एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत की गई है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि प्राप्त करने के बाद, श्रीनगर पुलिस ने ड्रग पेडलर्स की संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें अटैच करने की प्रक्रिया पूरी की है। यह अभियान न केवल ड्रग्स को रोकने के लिए, बल्कि इस धंधे से जुड़े माफियाओं की आर्थिक नींव को ढहाने के लिए चलाया जा रहा है।[1]
पहली बड़ी कार्रवाई
बेमिना पुलिस स्टेशन द्वारा की गई पहली बड़ी कार्रवाई में करीब 1.5 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अटैच की गई है। यह संपत्ति मुदस्सिर अहमद पीर उर्फ साहिल उर्फ डॉगी नामक कथित ड्रग पेडलर की है, जो बेमिना की फिरदौस कॉलोनी का निवासी है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह दो मंजिला आवासीय मकान और चार मरला जमीन पूरी तरह से नशीले पदार्थों की तस्करी से कमाई गई रकम से बनाई गई थी।
इस संपत्ति के कुर्की की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अधिकारियों ने बताया:
"तमाम कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि जब्त की गई संपत्ति अवैध ड्रग तस्करी के माध्यम से ही अर्जित की गई थी। इसके बाद ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से इसे कुर्क किया गया है।"
दूसरी बड़ी सफलता
एक अन्य मामले में, श्रीनगर पुलिस ने कुपवाड़ा जिले के करनाह निवासी शफीक अहमद ख्वाजा की आवासीय संपत्ति को अटैच किया है। करीब 50 लाख रुपये मूल्य की यह संपत्ति पुलिस थाना एमआर गंज में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले से जुड़ी है। इस तरह के मामलों में लगातार हो रही कार्रवाई यह दर्शाती है कि ड्रग नेटवर्क में शामिल लोगों के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
पुलिस प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी हर छोटी-बड़ी संपत्ति की पहचान की जा रही है ताकि अपराधियों को यह समझ आ सके कि अवैध धंधे से बनाई गई संपत्ति अंततः प्रशासन की ही होगी। पुलिस का यह रुख ड्रग माफियाओं के मनोबल को तोड़ने के लिए पर्याप्त है।
सख्त कानून का असर
कानूनी रूप से यह कार्रवाई ड्रग्स माफियाओं के लिए एक बड़े सबक के समान है। नशीली दवाओं की तस्करी से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की यह प्रक्रिया समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लोग इस कार्यवाही का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि इससे ड्रग्स के अवैध कारोबारियों को वित्तीय रूप से अपाहिज किया जा रहा है।
नशीली दवाओं की तस्करी से अर्जित संपत्ति के खिलाफ चलाए जा रहे इस विशेष अभियान से साफ है कि सरकार अब केवल छोटे तस्करों को ही नहीं, बल्कि उन लोगों को भी लक्षित कर रही है जिन्होंने इस अपराध के दम पर साम्राज्य खड़ा किया है। आने वाले दिनों में ऐसी और भी कई संपत्तियां पुलिस की रडार पर हैं, जिन्हें जल्द ही कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा साझा की गई कानूनी कार्रवाई की जानकारी पर आधारित है। किसी भी संपत्ति या कानूनी मामले पर अंतिम निर्णय न्यायालय का होगा। लेखक, प्रकाशक एवं संपादक इस रिपोर्ट के कानूनी प्रभावों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।
PHOTO | Intensifying crackdown on drug trafficking under 'Nasha Mukt Jammu and Kashmir Abhiyan', Srinagar Police attaches properties worth approx. Rs 2 crore under NDPS Act.#JammuAndKashmir #Srinagar
— Press Trust of India (@PTI_News) May 30, 2026
(Source: Third Party) pic.twitter.com/SXMOKTl5Z8