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राजस्थान

राजनीतिक हिंसा और विरोध प्रदर्शन: सड़कों पर उतरा कार्यकर्ता

राजनीतिक हिंसा और विरोध प्रदर्शन के खिलाफ भाजपा का बड़ा कदम, प्रदेश अध्यक्ष पर हुए हमले को लेकर फूटा आक्रोश, सांसद का पुतला फूंका।

By अजय त्यागी
1 min read
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का पुतला फूंका

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का पुतला फूंका

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जोधपुर, राजस्थान (शिंभु सिंह शेखावत)। राजनीतिक हिंसा और विरोध प्रदर्शन का दौर तब गर्मा गया जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ पर हुए हमले के विरोध में युवा मोर्चा सड़कों पर उतर आया। जोधपुर में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल के निर्देशानुसार और युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष गौरव जैन के सानिध्य में एक उग्र प्रदर्शन किया गया। जालोरी गेट पर जमा हुए कार्यकर्ताओं ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी दर्ज कराई और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री आईदान सिंह भाटी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद होना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन हिंसा का सहारा लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा कार्यकर्ता हमेशा से ही संवैधानिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं के संरक्षण के लिए संकल्पित रहे हैं।

आरोप और राजनीतिक गतिरोध

जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए घातक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि खींवसर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद से ही नागौर सांसद अपनी पत्नी की चुनावी हार को पचा नहीं पा रहे हैं। उनके समर्थकों द्वारा लगातार की जा रही अराजकता और टकराव की राजनीति यह दर्शाती है कि वे लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करने में विफल रहे हैं।

इस संदर्भ में जिलाध्यक्ष ने कहा:

"लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करना सर्वोपरि है, परंतु चुनावी हार को हिंसा का बहाना बनाना अत्यंत निंदनीय है। राजनीतिक विरोध को कभी भी हिंसा या हमले का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।"

युवा मोर्चा का संकल्प

भाजयुमो जिलाध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि उनका संगठन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि सभी दलों को राजनीतिक विरोध का अधिकार है, लेकिन असहमति के नाम पर किया गया हमला और अमर्यादित व्यवहार किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले के दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा और युवा मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राजनीतिक हिंसा और विरोध प्रदर्शन का यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि कार्यकर्ता अब अपनी पार्टी के नेतृत्व पर होने वाले हमलों को सहन करने के मूड में नहीं हैं। सभी ने एक स्वर में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प लिया।

हिंसा के खिलाफ हुंकार

जोधपुर की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान की राजनीति में बढ़ती कटुता और हिंसा का माहौल चिंता का विषय है। राजनीतिक हिंसा और विरोध प्रदर्शन के जरिए कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया है कि सत्ता और विपक्ष के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, न कि शारीरिक हमले। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे इस मामले में तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं हो जाता।

अंततः, राजनीति में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। राजनीतिक हिंसा और विरोध प्रदर्शन जैसी घटनाओं से समाज में गलत संदेश जाता है और लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होती हैं। यह समय है कि सभी राजनीतिक दल संयम बरतें और संवाद के माध्यम से मुद्दों को सुलझाएं, न कि सड़कों पर पुतले जलाकर या हमले करके अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करें।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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