भीलवाड़ा में बसेर दम्पत्ति को मिला पर्यावरण मित्र सम्मान 2026
भीलवाड़ा में अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब ने चेतना बसेर एवं पुरूषोत्तम बसेर को पर्यावरण मित्र सम्मान 2026 से नवाजा। दम्पत्ति का पर्यावरण के प्रति समर्पण स
बसेर दम्पत्ति को मिला पर्यावरण मित्र सम्मान
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले समर्पित दम्पत्ति को सम्मानित करने के लिए एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। अन्तर्राष्ट्रीय माहेश्वरी कपल क्लब, भीलवाड़ा जिला शाखा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ख्यातिप्राप्त एस्ट्रोलोजर श्रीमती चेतना बसेर एवं पुरूषोत्तम बसेर को पर्यावरण मित्र सम्मान 2026 से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा प्रकृति के प्रति दिखाए गए अटूट समर्पण और जागरूकता फैलाने के प्रयासों को मान्यता प्रदान करता है।
क्लब की पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीमती कान्ता मेलाणा एवं बी.एल. मेलाणा ने इस अवसर पर बसेर दम्पत्ति को सम्मान-पत्र एवं अभिनंदन चिन्ह भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में दम्पत्ति के उन कार्यों की सराहना की, जो उन्होंने पिछले कई वर्षों से पर्यावरण की रक्षा हेतु किए हैं। समाज के लिए यह दम्पत्ति एक प्रेरणा के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने अपनी सक्रियता से यह साबित किया है कि प्रकृति की सेवा ही मानवता की सच्ची सेवा है।
सांस्कृतिक और सामाजिक प्रतिबद्धता
भीलवाड़ा जिलाध्यक्ष डॉ. चेतना जागेटिया ने आयोजन के दौरान विस्तार से जानकारी दी कि अन्तर्राष्ट्रीय माहेष्वरी कपल क्लब अपनी विभिन्न जिला शाखाओं के माध्यम से पूरे वर्ष पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियान चलाता है। उन्होंने बताया कि बसेर दम्पत्ति के नेतृत्व में विगत छह वर्षों से शहर में निरंतर औषधीय एवं छायादार पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है। उनकी सक्रियता ने समाज में हरियाली के प्रति एक नई सकारात्मक सोच पैदा की है।
डॉ. जागेटिया ने आगे कहा कि बसेर दम्पत्ति केवल पौधारोपण तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने जनजागरूकता फैलाने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके द्वारा संचालित गतिविधियां न केवल स्थानीय निवासियों को प्रेरित कर रही हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण की नींव रख रहे हैं। पर्यावरण मित्र सम्मान 2026 प्रदान करना उनके इन्हीं अनवरत प्रयासों का एक विनम्र सम्मान है, जिसे समाज के सभी वर्गों ने सराहा है।
समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत
समारोह में उपस्थित क्लब के सदस्यों ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में जब प्रकृति का दोहन बढ़ता जा रहा है, बसेर दम्पत्ति जैसे लोगों का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। उनके प्रयासों से भीलवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में न केवल पौधों की संख्या बढ़ी है, बल्कि उन पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी लोगों ने सीखी है। यह कार्य वाकई में अनुकरणीय और समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी है।
दम्पत्ति के प्रयासों पर चर्चा करते हुए सदस्यों ने कहा कि जब कोई भी व्यक्ति या दम्पत्ति निस्वार्थ भाव से पर्यावरण को अपना परिवार समझकर कार्य करता है, तो उसके परिणाम दूरगामी होते हैं। दम्पत्ति ने अपनी एस्ट्रोलॉजी की व्यस्तताओं के बावजूद पर्यावरण के लिए समय निकालकर शहर की फिजाओं को शुद्ध बनाने में जो योगदान दिया है, वह मील का पत्थर है। समारोह में उपस्थित सभी सदस्यों ने उन्हें इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
सतत विकास और जागरूकता गतिविधियां
विगत छह वर्षों के दौरान बसेर दम्पत्ति द्वारा किया गया कार्य सिर्फ एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि एक मिशन रहा है। उन्होंने समय-समय पर शहर की विभिन्न कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर न केवल पौधे लगाए हैं, बल्कि उनके जीवित रहने की दर सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी भी की है। पर्यावरण मित्र सम्मान 2026 पाकर अभिभूत दम्पत्ति ने सभी सदस्यों और क्लब का आभार व्यक्त करते हुए अपने संकल्प को आगे भी जारी रखने का वादा किया।
उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह सम्मान उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी लेकर आया है। उनका लक्ष्य है कि भीलवाड़ा को हरा-भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक युवाओं और परिवारों को इस अभियान के साथ जोड़ा जाए। क्लब की ओर से यह आयोजन एक संदेशवाहक के रूप में कार्य कर रहा है ताकि अन्य दम्पत्ति भी पर्यावरण संरक्षण में आगे आएं और अपनी भागीदारी दर्ज कराएं। इसी तरह की गतिविधियां अंततः एक स्वच्छ शहर की परिकल्पना को साकार करेंगी।
सकारात्मक भविष्य की ओर बढ़ते कदम
अंत में, यह समारोह पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पर्यावरण मित्र सम्मान 2026 का आयोजन यह सिद्ध करता है कि अच्छे कार्यों की पहचान और सम्मान करना समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। भीलवाड़ा जिला शाखा का यह प्रयास अन्य शाखाओं के लिए भी एक उदाहरण है कि कैसे छोटे-छोटे प्रयासों से एक बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। आने वाले वर्षों में भी पर्यावरण के प्रति समर्पित ऐसे लोगों का उत्साहवर्धन करना क्लब की प्राथमिकता बनी रहेगी।