सायन में सिंथेटिक फैक्ट्री में भीषण आग, सब कुछ खाक
सायन में सिंथेटिक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से औद्योगिक इलाके में हड़कंप मच गया। भारी मात्रा में टेक्सटाइल सामग्री जलकर खाक, दमकल विभाग की टीमें आग पर काबू पाने
सिंथेटिक फैक्ट्री में भीषण आग
सूरत, गुजरात। औद्योगिक क्षेत्र के सायण स्थित बालाजी एस्टेट में सुबह 9 बजे के आस-पास भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक सिंथेटिक फैक्ट्री में भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया। फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारियों के बीच उस समय अफरातफरी मच गई जब अचानक भारी मात्रा में धुआं निकलता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भारी दहशत का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और एस्टेट प्रबंधन द्वारा तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया। टेक्सटाइल यूनिट होने के कारण फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में कच्चा कपड़ा, यार्न और प्रोसेसिंग केमिकल मौजूद थे, जिसने आग को और अधिक हवा दी। इस सिंथेटिक फैक्ट्री में भीषण आग ने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को घेर लिया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों को सुरक्षित स्थानों और खुले मैदानों की ओर भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।[विडियो]
आग का विकराल रूप
टेक्सटाइल उद्योग में कच्चे माल की भरमार के कारण आग को बुझाना दमकल कर्मियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री और केमिकल के चलते आग पूरे परिसर में बिजली की गति से फैल गई। आसपास की अन्य कंपनियों के मालिक और कर्मचारी भी अपने परिसरों को बचाने के लिए मशक्कत करते दिखे, जिससे पूरे औद्योगिक परिसर में अफरातफरी का आलम बना हुआ है और हर तरफ सिर्फ धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। लोग अपनी जान बचाने के लिए फैक्ट्री से बाहर सुरक्षित खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े। सिंथेटिक फैक्ट्री में भीषण आग की इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेरे में ले लिया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके और बचाव कार्य सुचारू रूप से चल सके।
दमकल की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही सूरत और ओलपाड फायर विभाग की दमकल गाड़ियां अत्याधुनिक उपकरणों और वाटर ब्राउजर के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए चारों तरफ से पानी की बौछारें शुरू कर दीं। युद्धस्तर पर जारी इस बचाव अभियान के तहत आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए फायर फाइटर्स पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं और जल्द ही आग बुझा ली जाएगी।
प्राथमिक जांच को लेकर दमकल विभाग के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है:
"प्राथमिक तर्कों के अनुसार आग का वास्तविक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, परंतु प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह दुर्घटना संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण घटित हुई है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में किसी भी व्यक्ति के अंदर फंसे होने या किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।"
आर्थिक नुकसान की आशंका
घटना में लाखों रुपये का तैयार और कच्चा माल जलकर खाक होने की आशंका है। टेक्सटाइल यूनिट के मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। फैक्ट्री के अंदर लगी मशीनों और कीमती स्टॉक के जल जाने से आर्थिक क्षति का आकलन करना अभी बाकी है। अग्निशमन विभाग का कहना है कि जब तक आग पूर्ण रूप से बुझ नहीं जाती, तब तक नुकसान की पूर्ण गणना करना संभव नहीं है।
आने वाले समय में इस सिंथेटिक फैक्ट्री में भीषण आग की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को कैसे रोका जाए। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्र में फायर ऑडिट की अनिवार्यता को सिद्ध कर दिया है। प्रशासन अब अन्य इकाइयों के मालिकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दे रहा है ताकि इस लापरवाही को रोका जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। आग की घटना से संबंधित यह जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों और अग्निशमन विभाग के प्रारंभिक तथ्यों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।
Surat, Gujarat: A fire broke out in a looms factory near the Swaminarayan temple in Sayan village, Olpad. Four fire brigades from Surat rushed to the spot to control the blaze. Six workers were safely rescued from the incident. Firefighting operations using water cannons are… pic.twitter.com/BPDvKEiB2l
— IANS (@ians_india) June 7, 2026