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प्रादेशिक

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज से वाहनों का परिचालन शुरू

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का निर्माण पूरा हो गया है। आज से वाहनों का आवागमन शुरू होने से कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

By अजय त्यागी
1 min read
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का निर्माण

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का निर्माण

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भागलपुर, बिहार। भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पन्न हुई विकट स्थिति के बीच लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से आवागमन में हो रही भारी असुविधाओं के बाद अब स्थिति सामान्य होने की दिशा में बढ़ रही है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा तैयार किए गए बेली ब्रिज का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक विक्रमशिला सेतु पर ही पूरा कर लिया गया है। लंबे संघर्ष के बाद आज से इस पुल पर वाहनों का आवागमन विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया है।[1]

आवागमन शुरू होने से पहले शुक्रवार को बेली ब्रिज का सफल ट्रायल किया गया, जो हर मानकों पर खरा उतरा। इस दौरान भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं मौके पर उपस्थित रहे और पूरी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, सिटी डीएसपी अजय चौधरी, पुल निर्माण निगम तथा पथ निर्माण विभाग के उच्च अधिकारी भी मौजूद थे। सफल ट्रायल के बाद अब आम जनता के लिए राहत का मार्ग खुल गया है।

सफल ट्रायल और सुरक्षा का निरीक्षण

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि ट्रायल प्रक्रिया पूरी तरह से सफल रही है और सभी तकनीकी सुरक्षा मानकों की सघन जांच के बाद ही पुल को यातायात के लिए पूरी तरह से तैयार घोषित किया गया है। ट्रायल के पश्चात आज से वाहनों के परिचालन की आधिकारिक अनुमति दे दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुल पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि किसी भी नागरिक को आवाजाही में कोई परेशानी न हो।

प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारी के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिचालन के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन न हो। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद पैदा हुई यातायात की समस्या को कम करना है। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें और यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन करें, ताकि यह वैकल्पिक मार्ग प्रभावी रूप से काम कर सके।

10 टन तक वाहनों की अनुमति

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, विक्रमशिला सेतु पर स्थित इस बेली ब्रिज से अधिकतम 10 टन भार क्षमता तक के मालवाहक वाहनों को ही परिचालन की अनुमति दी जाएगी। भारी वाहनों के कारण संरचना पर कोई अतिरिक्त दबाव न पड़े, इसके लिए यह सीमा निर्धारित की गई है। वहीं, यातायात को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए पुल पर वन-वे सिस्टम लागू किया गया है, जिससे वाहनों का आवागमन बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था के तहत वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुचारू और नियंत्रित बनी रहेगी, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना न के बराबर है। वन-वे सिस्टम के कार्यान्वयन से ड्राइवरों को पुल पार करने में सुविधा होगी और दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम हो जाएगा। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त रहे और लोगों को विक्रमशिला सेतु की समस्या के कारण परेशानी न झेलनी पड़े।

सुरक्षा और निगरानी तंत्र

बेली ब्रिज की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। पुल के दोनों सिरों पर पुलिस पिकेट की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जो 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इसके अलावा, कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से यातायात नियमों के पालन पर कड़ी नजर रखी जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस और प्रशासन की संयुक्त निगरानी के कारण लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से सीधी फीड ली जा रही है, ताकि जाम की स्थिति बनते ही पुलिस बल को मौके पर भेजा जा सके। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि यातायात नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। इस प्रकार, आधुनिक तकनीक और पुलिस बल के समन्वय से पुल पर यातायात का सुगम संचालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

क्षेत्रीय लोगों को राहत

विक्रमशिला सेतु में आई तकनीकी खराबी के बाद भागलपुर, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को लंबे समय से वैकल्पिक मार्गों के लिए जूझना पड़ रहा था। अब विक्रमशिला सेतु पर आवागमन शुरू होने के बाद इन क्षेत्रों के निवासियों को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था एक स्थायी समाधान मिलने तक यातायात की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और लोगों के दैनिक जीवन को आसान बनाएगी।

इस वैकल्पिक व्यवस्था के शुरू होने से आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा, जो सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रभावित हो रही थीं। कोसी और सीमांचल के लोग अब आसानी से भागलपुर तक पहुंच सकेंगे, जिससे व्यापारिक और व्यक्तिगत आवाजाही में समय की बचत होगी। प्रशासन इस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि विक्रमशिला सेतु की समस्या के कारण होने वाली दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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