ट्रेन दुर्घटना का शिकार हुआ 61 वर्षीय बुजुर्ग
बीकानेर में देर रात ट्रेन दुर्घटना में एक 61 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। समाजसेवी संस्थाओं ने पुलिस की मदद से शव को मोर्चरी में रखवाया।
शव को एम्बुलेंस में रखते सामाजिक कार्यकर्ता
बीकानेर, राजस्थान। बीकानेर के पवनपुरी क्षेत्र में मंगलवार देर रात्रि एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। आर्य हॉस्पिटल के पास मधुबन पार्क के निकट हुई ट्रेन दुर्घटना में एक 61 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रवीण कुमार पुत्र हरचरण दास के रूप में हुई है, जो वार्ड नंबर 39 का निवासी था। यह घटना रात्रि करीब 11 बजकर 45 मिनट पर घटित हुई, जिसने स्थानीय निवासियों में शोक की लहर पैदा कर दी है।
सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद ही स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल की ओर दौड़ लगा दी। रेलवे लाइन पर हुई इस ट्रेन दुर्घटना ने एक बार फिर रेल सुरक्षा और असुरक्षित आवाजाही के खतरों को उजागर किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति रेलवे लाइन पर कैसे पहुंचे।
समाजसेवा का कार्य
इस दुःखद स्थिति में मानवता का परिचय देते हुए ख़िदमतगार खादिम सोसाइटी और असहाय सेवा संस्थान के कार्यकर्ता तुरंत एम्बुलेंस लेकर मौके पर पहुँचे। देर रात्रि का समय होने के बावजूद इन स्वयंसेवियों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम का सहयोग किया। संस्था के सदस्यों ने संबंधित थाना पुलिस की देखरेख में मृतक के क्षत-विक्षत शव को सावधानीपूर्वक एम्बुलेंस में रखा और पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर पहुँचाया, ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों द्वारा मृतक का मुआयना किया गया और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद संस्था के कार्यकर्ताओं की मदद से शव को अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया। इस सेवा कार्य में ख़िदमतगार ख़ादिम सोसाइटी व असहाय सेवा संस्थान के हाजी जाकिर, हाजी नसीम, राज कुमार, सोयेब, मो जुनैद ख़ान, अय्यूब, अब्दुल सतार, इमरान एवं राजकुमार खड़गावत ने सराहनीय भूमिका निभाई और पूरी रात पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखा।
"ट्रेन दुर्घटना की सूचना मिलते ही हमारी टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर पुलिस प्रशासन का सहयोग किया और शव को अस्पताल पहुँचाया।"
जांच और कानूनी प्रक्रिया
मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला ट्रेन दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और परिस्थितियों का पता चल पाएगा। बीकानेर के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक, पवनपुरी के पास स्थित यह रेलवे ट्रैक अक्सर लोगों की आवाजाही के लिए खतरनाक साबित होता रहा है, जहाँ पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम बुधवार को परिजनों की मौजूदगी में किया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि रेलवे लाइन के आसपास सुरक्षा इंतजामों में कमी होने के कारण ही अक्सर इस तरह की दर्दनाक घटनाएं देखने को मिलती हैं। प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी ट्रेन दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके और बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकें।
अंतिम संस्कार की तैयारी
परिजनों ने अस्पताल पहुँचकर शव की शिनाख्त कर ली है। समाजसेवी संस्थाओं का कहना है कि वे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में भी परिजनों की पूरी मदद करेंगे। यह घटना न केवल मृतक के परिवार के लिए बल्कि पूरे वार्ड नंबर 39 के लिए एक बड़ा आघात है। प्रवीण कुमार की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मोहल्ले के लोगों ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बीकानेर पुलिस और प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। क्या यह केवल एक हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण रहा है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल शव मोर्चरी में सुरक्षित है और परिजनों के पहुँचने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में समाजसेवियों का सहयोग सराहनीय रहा, जिन्होंने आधी रात को भी इस ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों के लिए तत्परता दिखाई।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। रेलवे दुर्घटना से संबंधित विवरण पुलिस जांच के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।