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उत्तर प्रदेश

नॉन नदी के पास मोर्टार जैसी वस्तु मिलने से मचा भारी हड़कंप

एक जलभराव वाले रास्ते पर नदी के पास मोर्टार जैसी वस्तु मिलने के बाद सुरक्षा अधिकारियों द्वारा त्वरित और बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात इलाके में गुरुवार की सुबह उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई जब एक नदी के किनारे संदिग्ध धातु की चीज देखी गई। गजनर क्षेत्र में नॉन नदी के पास जलभराव वाले रास्ते पर यह वस्तु मिलने से प्रशासन अलर्ट हो गया। नदी के पास मोर्टार जैसी वस्तु मिलने की खबर से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।[1]

यह संदिग्ध वस्तु सबसे पहले जसवापुर गांव के पास उन स्थानीय निवासियों द्वारा देखी गई जो नदी से जुड़े एक तालाब जैसे हिस्से में मछली पकड़ने गए थे। वहां मौजूद अनिल कुमार नामक ग्रामीण ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए स्थानीय पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी दी जिसके बाद सुरक्षा अमला सक्रिय हुआ।

गजनर क्षेत्र में सुरक्षा बलों का पहरा

सूचना मिलते ही गजनर थाना प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की एक बड़ी टीम तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। अधिकारियों ने दुर्घटना से बचने के लिए वहां आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया।

इसी बीच वहां एक अजीबोगरीब स्थिति तब पैदा हो गई जब एक स्थानीय युवक ने नदी के पास मोर्टार जैसी वस्तु को खिलौना समझकर उठा लिया और भागने का प्रयास करने लगा। पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दौड़कर पकड़ा और वस्तु को दूर रखवाया। पुलिस ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि यह कोई खिलौना नहीं है और इसमें विस्फोट हो सकता है।

"नॉन नदी के पास एक संदिग्ध सैन्य मोर्टार जैसी चीज मिलने की सूचना मिलते ही हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा घेरा तैयार किया है। इस स्थल पर जनता की आवाजाही को तुरंत रोक दिया गया है और एंटी-सबोटॉज चेक टीम, बम निरोधक दस्ते तथा फोरेंसिक विशेषज्ञों को निरीक्षण के लिए बुलाया गया है।" - संजय कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी

विशेषज्ञ टीमों द्वारा जांच अभियान शुरू

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा विभाग के बम निरोधक दस्ते को तुरंत झांसी से कानपुर देहात के लिए रवाना किया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। प्रथम दृष्टया यह नदी के पास मोर्टार जैसी वस्तु एक मोर्टार शेल जैसी प्रतीत हो रही है लेकिन इसकी सही प्रकृति कूटनीतिक जांच के बाद ही साफ होगी।

पुलिस अधीक्षक ने पीटीआई को बताया कि सुरक्षा मुख्यालय को इस रिकवरी के बारे में तुरंत सूचित कर दिया गया था। बम निरोधक दस्ते ने शुरुआती जांच के बाद इसे गैर-विस्फोटक घोषित किया है। इस वस्तु को अब पूरी तरह सुरक्षित रखवा दिया गया है और मुख्यालय की एक विशेष टीम इसके वास्तविक उद्गम का पता लगाने में जुटी है।

"वर्तमान में यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है कि बरामद वस्तु मोर्टार शेल है या कोई अन्य धातु की चीज। हालांकि बम निरोधक दस्ते ने इसे गैर-विस्फोटक घोषित किया है। विशेष टीम यह स्थापित करेगी कि क्या यह सेना का खोया हुआ सामान है या किसी अन्य एजेंसी से जुड़ा है।" - श्रद्धा नारायण पांडे, पुलिस अधीक्षक

सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी हुई तेज

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ ने भी इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि संदिग्ध धातु की वस्तु को बेहद सुरक्षित तरीके से स्टोर कर लिया गया है और आगे की तकनीकी जांच की जा रही है। सुरक्षा विभाग यह पता लगा रहा है कि यह वस्तु सेना के किसी अभ्यास के दौरान तो यहां नहीं छूट गई थी।

इस बड़ी बरामदगी के बाद से गजनर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जसवापुर गांव और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। नदी के पास मोर्टार जैसी वस्तु मिलने की इस घटना के बाद से पूरे जिले की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

अस्वीकरण

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। नदी से बरामद संदिग्ध सैन्य उपकरणों और अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट की सटीक जानकारी के लिए पुलिस के आधिकारिक बयानों को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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