कर्मचारी जागृति यात्रा को भीलवाडा में मिला भारी समर्थन
पच्चीस सूत्रीय न्यायोचित मांगों को लेकर प्रदेशभर में जारी कर्मचारी जागृति यात्रा के पांचवे दिन सैकड़ों कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
कर्मचारी जागृति यात्रा को भीलवाडा में मिला भारी समर्थन
भीलवाड़ा, राजस्थान। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के तत्वावधान में प्रदेशभर में चलाई जा रही मुहिम के तहत आज एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पांचवे दिन भीलवाडा पहुँचने पर कर्मचारियों का अभूतपूर्व उत्साह और जबरदस्त समर्थन देखने को मिला है। झालावाड़ से रवाना होकर भीलवाड़ा पहुंची इस मुहिम का सैकड़ों कर्मचारियों ने भव्य स्वागत किया और अपनी वर्षों से लंबित मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई ताकि कर्मचारी जागृति यात्रा को सफल बनाया जा सके।
इस व्यापक अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस आयोजन को एक ऐतिहासिक और बेहद मजबूत स्वरूप प्रदान किया। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने एक सुर में वर्तमान सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब उनकी जायज और न्यायोचित मांगों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। कर्मचारियों की भारी आमद को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सतर्क नजर आया।
"लंबे समय से लंबित चल रही हमारी न्यायोचित मांगों की अनदेखी अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों के हक की यह लड़ाई अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और हमारा यह शांतिपूर्ण संघर्ष तब तक लगातार जारी रहेगा जब तक कि राज्य सरकार हमारी सभी प्रमुख मांगों को पूरी तरह मान नहीं लेती।" - गजेन्द्र सिंह राठौड़ (प्रदेशाध्यक्ष, महासंघ)
महासंघ की प्रमुख मांगें
इस प्रादेशिक अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के समक्ष कर्मचारियों के हितों से जुड़े पच्चीस सूत्रीय मांग पत्र को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है। महासंघ द्वारा उठाई गई मांगों में आरजीएचएस के निजीकरण की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने, सरेंडर लीव का रुका हुआ भुगतान तत्काल प्रभाव से जारी करने तथा आठ, सोलह, चौबीस एवं बत्तीस वर्ष की सेवा अवधि पर चयनित वेतनमान का पूरा लाभ देने की मांग प्रमुखता से शामिल है।
इसके साथ ही आंदोलनकारी पिछले बजट में की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं को कड़ाई से लागू करने, संविदा एवं ठेका प्रथा पर कार्यरत कर्मियों को नियमित करने, मंत्रालयिक कर्मचारियों की द्वितीय पदोन्नती पर ग्रेड पे बयालीस सौ करने और बिना किसी शर्त के पदोन्नति में दो वर्ष की छूट लागू करने की मांग कर रहे हैं। वाहन चालक एवं तकनीकी जैसे पृथक संवर्गों को पदोन्नति पर आर्थिक लाभ देने तथा होमगार्ड को पूरे बारह महीने का नियमित रोजगार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन को बड़ी चेतावनी
कर्मचारी जागृति यात्रा के भीलवाडा आगमन पर इस व्यापक प्रदर्शन के दौरान महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्ति के अवसर पर तीन लाख रुपये की ग्रेच्युटी देने की पुरानी बजट घोषणा को भी अविलंब पूर्ण करने की बात दोहराई गई। इस अवसर पर महासंघ के महामंत्री मोहनलाल शर्मा, उपाध्यक्ष अजयवीर सिंह, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शेर सिंह यादव और अधीनस्थ संवर्ग के ओम प्रकाश चौधरी सहित राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) के अध्यक्ष डॉ. रणजीत मीना भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में भीलवाड़ा के जिला अध्यक्ष अमित व्यास ने कर्मचारी जागृति यात्रा को मिले इस व्यापक और अभूर्व समर्थन के लिए सभी उपस्थित साथियों का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सरकार को कड़ी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक उग्र किया जाएगा।