जेवर हवाई अड्डे से प्रथम उड़ान: 172 किसानों के साथ रचेगा इतिहास
जेवर हवाई अड्डे से प्रथम उड़ान के ऐतिहासिक अवसर पर सोमवार को इंडिगो की पहली कमर्शियल फ्लाइट एक सौ बहत्तर किसानों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना होगी।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश। नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली अध्याय जुड़ने जा रहा है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस विशाल ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट से सोमवार यानी पंद्रह जून दो हजार छब्बीस को विमानों का आधिकारिक वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने जा रहा है। इस बहुप्रतीक्षित शुरुआत को लेकर न केवल स्थानीय निवासियों में बल्कि पूरे देश के हवाई यात्रियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट की पहली यात्रा में उन लोगों को सबसे विशेष सम्मान दिया जा रहा है जिनकी बदौलत यह विशाल सपना धरातल पर सच हो पाया है। जेवर हवाई अड्डे से प्रथम उड़ान के विशेष कार्यक्रम के तहत पहली फ्लाइट कुल एक सौ बहत्तर स्थानीय किसानों को लेकर लखनऊ जाएगी। इन सभी किसानों ने इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए अपनी कीमती जमीन स्वेच्छा से योगदान में दी थी।[1]
किसानों का सम्मान
इस अनूठी और पहली ऐतिहासिक यात्रा पर जाने वाले सभी सम्मानित किसानों के साथ क्षेत्रीय विधायक धीरेंद्र सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। प्रशासन का यह कदम उन अन्नदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने का एक जरिया है जिन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए अपनी उपजाऊ भूमि दी थी। लखनऊ पहुंचने के बाद सभी किसान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।
इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान किसान मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करेंगे जिन्होंने इस कल्याणकारी विकास पहल के माध्यम से पूरे क्षेत्र की तकदीर बदल दी है। जेवर हवाई अड्डे से प्रथम उड़ान के इस गौरवशाली क्षण को लेकर किसानों में जबरदस्त उत्साह है और हवाई अड्डे के टर्मिनल पर उनके स्वागत के लिए बेहद भव्य तैयारियां की जा चुकी हैं।
फ्लाइट संचालन विवरण
विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंडिगो इस रूट पर अपनी पहली लॉन्च कैरियर सेवा संचालित करने जा रही है। तय समय सारणी के अनुसार पहली फ्लाइट पंद्रह जून को सुबह ठीक सात बजकर पांच मिनट पर लखनऊ से उड़ान भरेगी और सुबह आठ बजकर पांच मिनट पर नए रनवे पर उतरेगी। इसके बाद यहीं से कमर्शियल ऑपरेशंस की विधिवत शुरुआत हो जाएगी।
शुरुआती चरण में इंडिगो और आकासा एयर इस नवनिर्मित टर्मिनल से अपनी हवाई सेवाएं प्रदान करने वाली मुख्य कंपनियां होंगी। शुरुआती घरेलू नेटवर्क योजना के तहत इस आधुनिक टर्मिनल को देश के सोलह से अधिक प्रमुख शहरों से सीधा जोड़ा जाएगा जिसमें हैदराबाद, बेंगलुरु, अमृतसर और जम्मू जैसे शहर शामिल हैं।
भविष्य की योजनाएं
इस विशाल ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कुल चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में पहले चरण के तहत इसकी क्षमता बारह मिलियन यात्री प्रति वर्ष की है। आने वाले समय में साल दो हजार इकतीस तक इसकी क्षमता बढ़ाकर तीस मिलियन यात्री करने का लक्ष्य रखा गया है।
साल दो हजार छब्बीस की तीसरी तिमाही यानी सितंबर तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना बनाई गई है। भविष्य में कुल पांच रनवे के साथ यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बन जाएगा जो पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देगा।
सख्त सुरक्षा व्यवस्था
उड़ान संचालन के इस ऐतिहासिक दिन को देखते हुए पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित इस टर्मिनल तक पहुंचने के लिए लक्जरी बसों और विशेष कैब की व्यवस्था भी सुचारू रूप से लागू की जा चुकी है।
"विधायक धीरेंद्र सिंह के अनुसार: जेवर हवाई अड्डे से प्रथम उड़ान हमारे क्षेत्र के विकास का एक नया द्वार खोलेगी। इसमें हमारे किसानों का योगदान सबसे बड़ा है और यह पहली यात्रा उन्हीं के त्याग और समर्पण को समर्पित है।"
इस प्रकार होने वाली इस पहली उड़ान के साथ ही दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को अपना दूसरा बड़ा नागरिक उड्डयन हब मिल जाएगा। जेवर हवाई अड्डे से प्रथम उड़ान की इस भव्य शुरुआत से न केवल इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई यातायात का दबाव कम होगा बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। जेवर में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शुरू होने वाले प्रथम वाणिज्यिक उड़ान संचालन और उससे जुड़े कार्यक्रमों की प्रामाणिक जानकारी लोकहित में प्रस्तुत की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।