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राजस्थान

विमान हादसा बना काल: राजस्थान का बेटा शहीद, हर आँख नम 

असम का विमान हादसा हमारे पांच जांबाज सैनिकों के लिए काल बन गया। वायुसेना के परिवहन विमान में आग लगने से देश के पांच जांबाज सैनिक शहीद हो गए।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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डीडवाना, राजस्थान। राजस्थान के डीडवाना कुचामन जिले के नावा उपखंड स्थित पांचोता गांव के जांबाज सैनिक खेमाराम कुमावत के साथ हुआ विमान हादसा क्षेत्र के लिए एक बड़ा सदमा है, जिसमें वायुसेना विमान क्रैश होने के कारण वे शहीद हो गए हैं। लैंडिंग के दौरान अचानक सैन्य विमान में भीषण आग लगने से हुए इस बड़े हादसे में कुल पांच जवानों की जान चली गई। इस दुखद शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र और पांचोता गांव में शोक की गहरी लहर दौड़ गई। अब से कुछ ही देर में वीर जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचने की पूरी संभावना जताई जा रही है।[1]

देश सेवा का अटूट सपना लेकर भारतीय वायुसेना में शामिल हुए नावा उपखंड के पांचोता गांव के वीर सपूत खेमाराम कुमावत ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। असम के जोरहाट एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के एएन बत्तीस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से यह भयानक हादसा हुआ था। जिसमे हमारी सेना के पांच वीर शहीद हो गए। जांबाज जवानों का यह सर्वोच्च बलिदान हमेशा देशवासियों की यादों में अमर रहेगा।[हादसे का विडियो]

परिवार का हाल

महज साढ़े तीन वर्ष पहले भारतीय वायुसेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए खेमाराम कुमावत अपने पूरे परिवार और गांव की उम्मीदों का मुख्य केंद्र थे। शहादत की आधिकारिक सूचना मिलते ही वीर सैनिक के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर पर मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है, वहीं पिता और अन्य करीबी परिजन इस गहरे सदमे में डूबे हैं। गांव में हर नागरिक की आंख नम है, लेकिन अपने वीर बेटे के अद्वितीय बलिदान पर गर्व भी साफ दिखाई दे रहा है।

देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले इस वीर सैनिक के चले जाने से पूरा गांव गहरे दुख में डूबा हुआ है। आसपास के क्षेत्रों से भी लोग शहीद के घर पहुंच रहे हैं। परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है। हर कोई इस बात से दुखी है कि देश की रक्षा के लिए एक होनहार युवक इतनी जल्दी चला गया, लेकिन देश के प्रति उनके इस जज्बे को देखकर हर देशवासी का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।

वायुसेना विमान हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना का एएन बत्तीस परिवहन विमान असम के जोरहाट एयरबेस पर सुरक्षित लैंडिंग की सामान्य प्रक्रिया में था। इसी दौरान यह विमान अचानक किसी गंभीर तकनीकी समस्या का शिकार हो गया और उसमें देखते ही देखते भीषण आग लग गई और यह विमान हादसा हो गया। जिससे उस सैन्य विमान में सवार पांच बहादुर जवानों की अत्यंत दर्दनाक और असमय मौत हो गई। यह भीषण विमान हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ।

इस भयानक हादसे के तुरंत बाद एयरफोर्स और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। वायुसेना के अधिकारियों द्वारा इस दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के सख्त आदेश दे दिए गए हैं। विमान में आई तकनीकी खराबी के कारणों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में होने वाले ऐसे हादसों को पूरी तरह से रोका जा सके और सैनिकों एवं सैन्य विमानों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके।

अंतिम विदाई की तैयारी

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शहीद खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर आज नावा पहुंचने की पूरी संभावना है। वीर शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पूरे नावा क्षेत्र के लोग अपने लाडले वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटे हैं। आसपास के इलाकों से भी लोग शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही पांचोता गांव पहुंचने लगे हैं ताकि इस हादसे में शहीद हुए वीर को विदाई दी जा सके।

शहादत की सूचना मिलते ही नावा तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद के पैतृक घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ वीर जवान के अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्थानीय मोक्षधाम और अंतिम यात्रा के मुख्य मार्ग पर साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं स्थानीय प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर कराई जा रही हैं ताकि वीर सपूत को सम्मानजनक विदाई दी जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। असम विमान हादसा और शहीद सैनिक की अंतिम विदाई से जुड़ी किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था हेतु स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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