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राजस्थान

निस्वार्थ सेवा प्रदाता होता है रक्तदाता -प्रोफेसर डॉ.बिनानी

पर्यटन लेखक संघ एवं महफिले-अदब के द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी में डॉ  बिनानी ने कहा कि रक्तदाता हर व्यक्ति असल मायनों में निस्वार्थ सेवा प्रदाता है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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बीकानेर, राजस्थान। पर्यटन लेखक संघ एवं महफिले-अदब के संयुक्त सौजन्य से गंगाशहर रोड पर स्थित होटल मरुधर हेरिटेज में एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अनूठी गोष्ठी का मुख्य विषय समाज में जीवन रक्षा के संदेश को फैलाना और कवियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना था। इस गरिमामयी आयोजन से जुड़े सभी साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के जरिए उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया, जहां बताया गया कि एक रक्तदाता वास्तव में निस्वार्थ सेवा प्रदाता की तरह काम करता है।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जिया उल हसन कादरी ने इस आयोजन की रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रचनात्मक और साहित्यिक माध्यम से समाज के लोगों को रक्तदान जैसी पुनीत और जीवन रक्षक गतिविधि से जोड़ना है। इस विशेष आयोजन में शहर के कई नामचीन रचनाकारों और प्रबुद्ध चिंतकों ने हिस्सा लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निस्वार्थ सेवा प्रदाता की भावना पर प्रकाश डाला।

साहित्यिक विचार विमर्श

इस शानदार गोष्ठी की अध्यक्षता क्षेत्र के प्रख्यात चिंतक, लेखक और पूर्व प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने की। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध शायर अमर जुनूनी मंच पर उपस्थित रहे, जिन्होंने इस गंभीर सामाजिक विषय पर अपनी लेखनी के माध्यम से गहरी बात कही। पूरे कार्यक्रम का बेहद कुशल और प्रभावी संचालन स्वयं संयोजक डॉ. जिया उल हसन कादरी द्वारा किया गया।

समारोह के दौरान मुख्य वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि कविता और साहित्य में समाज को बदलने की अद्भुत क्षमता होती है। जब शब्दों के माध्यम से किसी सामाजिक महत्ता को दर्शाया जाता है, तो उसका असर लोगों के दिलों पर सीधा और गहरा होता है। इसी सोच के तहत आयोजित इस गोष्ठी में वक्ताओं ने समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास किया और हर रक्तदाता को वास्तविक निस्वार्थ सेवा प्रदाता बताया।

मुख्य अध्यक्षीय उद्बोधन

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्रिंसिपल और प्रख्यात लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बेहद मार्मिक विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि दुनिया में कोई भी स्वस्थ व्यक्ति समय पर अपना रक्त दान करके किसी भी मरते हुए इंसान की अनमोल जिंदगी को बचा सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदाता केवल रक्त देने वाला साधारण इंसान नहीं होता बल्कि, 

"रक्तदान होता महादान, रक्तदाता को करते सलाम, देते वे निस्वार्थ हैं सेवा, मानव रूप में वे है देवा।" - प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी, पूर्व प्रिंसिपल एवं लेखक

डॉ. बिनानी ने आगे कहा कि वह समाज और पूरे देश का एक निस्वार्थ सेवा प्रदाता होता है जो बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा करता है। किसी जरूरतमंद और बीमार व्यक्ति की तड़पती हुई आहों तथा मन को पूरी तरह द्रवित कर देने वाली कराहों को राहत देने का सबसे बड़ा सेवा कार्य ही वास्तव में सच्चा रक्तदान है। उन्होंने इस अवसर पर अपनी प्रेरणादायक काव्य रचना प्रस्तुत कर हॉल में मौजूद सभी श्रोताओं को पूरी तरह भावविभोर कर दिया।

रचनाओं की प्रस्तुति

गोष्ठी के मुख्य अतिथि और मशहूर शायर अमर जुनूनी ने भी इस अवसर पर अपनी बेहतरीन और प्रासंगिक रचना प्रस्तुत की। इसके बाद शहर के कई अन्य वरिष्ठ रचनाकारों ने भी इस मंच से अपनी लेखनी का जादू बिखेरा। इस विशेष साहित्यिक महफिल में राजस्थान उर्दू अकादमी के पूर्व सदस्य असद अली असद, जाकिर अदीब, हनुमंत गौड़ नजीर और धर्मेंद्र राठौड़ धनंजय ने भी अपनी बहुआयामी कविताओं का पाठ किया।

इन सभी प्रतिष्ठित कवियों ने जीवन रक्षा और निस्वार्थ सेवा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को अपने शब्दों में पिरोकर श्रोताओं के सामने रखा। सभी रचनाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं से खूब वाह-वाही लूटी और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी आगंतुकों और कवियों का औपचारिक आभार असद अली असद द्वारा पूरी विनम्रता के साथ ज्ञापित किया गया।

इस आयोजन के माध्यम से समाज में यह कड़ा संदेश गया कि कला और साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं बल्कि वे सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। इस विशेष कार्यक्रम के समापन पर बीकानेर के प्रबुद्ध श्रोताओं ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में नियमित रूप से रक्तदान करेंगे। समाज का प्रत्येक सजग नागरिक जब आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तभी एक रक्तदाता वास्तविक निस्वार्थ सेवा प्रदाता के रूप में समाज को मजबूत कर पाएगा।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief