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आम सूचना

पेपर लीक रोकने के लिए टेलीग्राम एप पर अस्थायी प्रतिबंध

21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा कारणों से पूरे देश में टेलीग्राम एप पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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नई दिल्ली, दिल्ली। देश के डिजिटल और शैक्षिक क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है जिसके बाद करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पूरे भारत में लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम एप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। सरकार का यह कड़ा कदम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की महत्वपूर्ण सिफारिशों के बाद उठाया गया है जो सीधे तौर पर आगामी नीट यूजी परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।[1]

मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए आदेशों के अनुसार देश के भीतर टेलीग्राम की सेवाओं पर यह पाबंदी आगामी बाईस जून तक पूरी तरह लागू रहने वाली है। दरअसल इक्कीस जून को आयोजित होने जा रही नीट री-एग्जामिनेशन को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए इस कड़े विकल्प को चुना गया है। इसके अलावा सरकार ने टेलीग्राम को अपने प्लेटफॉर्म पर एक और बड़ा बदलाव करने के निर्देश दिए हैं जिसके तहत कंपनी को तीस जून तक पुरानी चैट में मैसेज एडिटिंग फीचर को भी ब्लॉक करना होगा।

धोखाधड़ी पर कड़ा प्रहार

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार यह सख्त कदम जनव्यवस्था को बनाए रखने और परीक्षाओं में होने वाली संगठित धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है। जांच में सामने आया है कि कुछ शातिर गिरोह इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करके परीक्षार्थियों को ठगने और परीक्षा की शुचिता को नुकसान पहुंचाने का बड़ा नेटवर्क चला रहे थे। इस गंभीर सुरक्षा चूक को समय रहते रोकने के लिए सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए टेलीग्राम एप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है।

एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि टेलीग्राम का मैसेज एडिटिंग फीचर बीते दिनों में फर्जी 'पेपर लीक' के झूठे सबूत तैयार करने का एक बड़ा जरिया बन चुका था। इसके जरिए जालसाज परीक्षा खत्म होने के बाद पुरानी तारीखों के मैसेज एडिट करके उसमें प्रश्नपत्र डाल देते थे जिससे ऐसा लगता था कि पेपर पहले ही लीक हो चुका है। इस तकनीकी हेरफेर को रोकने और डिजिटल साक्ष्यों की शुद्धता बनाए रखने के लिए ही इस विशेष एडिटिंग टूल पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई

इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी आई4सी ने गृह मंत्रालय के अधीन रहकर विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर काम किया है। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान टेलीग्राम पर सक्रिय दर्जनों ऐसे संदिग्ध चैनलों, ग्रुप्स और आटोमेटेड बॉट्स को पूरी तरह से हटा दिया गया है जो खुलेआम परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी वाली सेवाएं बेच रहे थे। इंटरनेट पर सक्रिय इन तत्वों के खिलाफ चैनल-विशिष्ट कार्रवाई नाकाफी साबित होने के बाद ही टेलीग्राम एप पर अस्थायी प्रतिबंध का यह बड़ा कदम उठाया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक बाजार में "पेपर लीक नीट", "री-नीट 2026" और "प्राइवेट माफिया" जैसे नामों से फर्जी ग्रुप चलाकर छात्रों से लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सख्त लहजे में दोबारा स्पष्ट किया है कि कोई भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है और इस तरह के सभी दावे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं। इस पूरे मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई और अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कई गिरफ्तारियां भी की हैं।

सुरक्षा और भावी सतर्कता

सरकार ने यह बात स्वीकार की है कि टेलीग्राम का उपयोग देश में बड़े पैमाने पर शैक्षिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत संचार के लिए किया जाता है जिससे आम यूजर्स को असुविधा होगी। हालांकि देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं में से एक की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए इस अस्थायी असुविधा को बेहद जरूरी और न्यायसंगत बताया गया है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि निर्धारित परीक्षा पूरी सुरक्षा के साथ अपने तय समय पर ही आयोजित की जाएगी।

तमाम छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इंटरनेट पर चल रही किसी भी असत्यापित जानकारी या अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही अपडेट लें। इसके साथ ही सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति उन्हें परीक्षा से जुड़े संदिग्ध दावों के साथ एप्रोच करता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

निष्कर्ष के तौर पर देखा जाए तो टेलीग्राम एप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का सरकार का यह फैसला देश की परीक्षा प्रणाली को डिजिटल माफियाओं के चंगुल से बचाने का एक बड़ा प्रशासनिक प्रयास है। हालांकि इस तरह के ब्लॉक से आम जनता को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए भविष्य में और अधिक सटीक तकनीकी समाधान तलाशने होंगे। बहरहाल नीट परीक्षा को निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की दिशा में इस संवेदनशील समय पर उठाया गया यह कदम बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित हो सकता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यह देश में टेलीग्राम एप पर लगे अस्थायी प्रतिबंध, नीट परीक्षा की सुरक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय व इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की अधिसूचना की समीक्षा से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief