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राजस्थान

आम जनता को राहत देने के लिए नगरीय निकायों में शिविर प्रभारी नियुक्त

शहरी सेवा शिविरों के सफल संचालन के लिए नगरीय निकायों में शिविर प्रभारी नियुक्त कर आम जनता को बड़ी राहत देने की तैयारी की गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
बीकानेर जिला कलेक्टर निशांत जैन - File Photo

बीकानेर जिला कलेक्टर निशांत जैन - File Photo

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बीकानेर, राजस्थान। राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे विशेष अभियानों के सफल संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिला कलक्टर निशांत जैन ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के तहत नगरीय निकायों में शिविर प्रभारी एवं सहायक शिविर प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। आगामी बारह जून से पंद्रह जुलाई दो हजार छब्बीस तक चलने वाले इन विशेष शिविरों की पूरी कमान अब पूरी तरह से अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में सौंप दी गई है।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन शिविरों के माध्यम से आम जनता से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकास संबंधी मामलों का त्वरित गति से समाधान करना है। उच्च स्तर पर की गई इस नई प्रशासनिक व्यवस्था के बाद अब सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। कलक्टर के इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद सभी स्थानीय निकायों में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और शिविरों के सफल आयोजन को लेकर जमीनी स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं।

नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी

जारी किए गए नए सरकारी आदेश के अनुसार नगर निगम आयुक्त व बीकानेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी को इस पूरी व्यवस्था का जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही मुख्य नगर निगम क्षेत्र के लिए खुद आयुक्त को मुख्य जिम्मेदारी दी गई है। निगम क्षेत्र में व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारू बनाने के लिए उपायुक्त को सहायक जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि सारा कार्य समय पर पूरा हो सके।

शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ जिले की अन्य सभी नगरपालिकाओं जैसे नोखा, श्रीडूंगरगढ़, देशनोक, लूणकरणसर, खाजूवाला एवं नापासर में भी व्यवस्था तय की गई है। इन सभी कस्बों में संबंधित उपखंड अधिकारियों को मुख्य कमान सौंपते हुए नगरीय निकायों में शिविर प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके सहयोग के लिए अधिशासी अधिकारियों को सहायक प्रभार सौंपा गया है ताकि स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जा सके।

कंट्रोल रूम की स्थापना

शहरी सेवा शिविर-2026 से जुड़ी सूचनाओं के त्वरित और सुगम आदान-प्रदान के लिए जिला कलेक्टर निशांत जैन के आदेश अनुसार जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इस जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के माध्यम से शिविर की तमाम गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी और आमजन की समस्याओं का रिकॉर्ड संकलित होगा। इस पूरी मॉनिटरिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए योग्य प्रशासनिक अमले को तैनात कर दिया गया है।

सरकारी आदेशानुसार इस नवस्थापित नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी तहसीलदार (भू अभिलेख) श्री विशनाराम को नियुक्त किया गया है। किसी भी प्रकार की सूचना या सहायता के लिए उनके मोबाइल नम्बर 94602-71964 पर सीधे संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आम नागरिक नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर-0151-2226031 पर भी कॉल करके अपनी समस्याओं और शिविरों से संबंधित जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।

त्वरित निस्तारण की योजना

कलक्टर द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार सभी प्रभारियों को शिविरों में प्राप्त होने वाले विभिन्न जनहित के प्रकरणों को पूर्व में ही चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य के लिए एक विशेष अग्रिम दल का गठन किया जाएगा जो निर्धारित तिथि से दो दिन पूर्व ही मौके पर जाएगा। यह दल वहां पहुंचकर सभी आवेदनों और प्रकरणों की पूर्ण रूप से गहन जांच करेगा ताकि कमियों को पहले ही सुधारा जा सके।

इस पूर्व तैयारी का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शिविर दिवस के मुख्य दिन अधिकतम प्रकरणों का मौके पर ही पूरी तरह निस्तारण किया जा सकेगा। जनता को अपने काम करवाने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक इस बार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया जा रहा है ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी इस अभियान का सीधा लाभ मिल सके।

नियमित समीक्षा के निर्देश

नगरीय निकायों में शिविर प्रभारी नियुक्त किए गए अधिकारियों को अपने स्तर पर अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति करने और तमाम आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित रूप से समीक्षा करने के लिए अधिकृत किया गया है। प्रभारियों को प्रतिदिन आयोजित होने वाले इन शिविरों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट संबंधित उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी। इस मॉनिटरिंग से कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।

इस प्रकार मुस्तैदी से काम शुरू होने के बाद अब आम नागरिकों को अपने पट्टे, पानी, बिजली और सफाई से जुड़े मामलों के समाधान की उम्मीद बंधी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में जब जमीनी स्तर पर नगरीय निकायों में शिविर प्रभारी अपनी देखरेख में कार्य करेंगे, तो लंबित मामलों को खत्म करने का एक बड़ा लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief