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अंतरराष्ट्रीय

फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक से पहले डॉलर में आई भारी गिरावट

फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक से ठीक पहले वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे निवेशकों की बेचैनी बढ़ गई है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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सिंगापुर। फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते को लेकर निवेशकों में बनी सकारात्मकता के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग में कमी आई है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में होने वाली इस पहली महत्वपूर्ण आर्थिक बैठक को लेकर दुनिया भर के बड़े निवेशक वर्तमान में कोई भी बड़ी पोजीशन लेने से बच रहे हैं।[1]

इस बड़ी वित्तीय हलचल के बीच वैश्विक बाजार में यूरो एक दशमलव एक छह एक एक डॉलर पर स्थिर बना हुआ है, जबकि ब्रिटिश स्टर्लिंग भी एक दशमलव तीन चार तीन शून्य डॉलर के स्तर पर मजबूत है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखने की व्यापक उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाजार विश्लेषक आर्थिक अनुमानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भविष्य में मौद्रिक नीति में आने वाले बदलावों और महंगाई के जोखिमों से जुड़े संकेतों को बारीकी से तलाशने का प्रयास कर रहे हैं।

वैश्विक बाजार की हलचल

फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक को लेकर विशेषज्ञ मान रहे हैं कि नए चेयरमैन केंद्रीय बैंक को अपनी सुझाई दिशा में ले जाने के लिए अभी समिति के सदस्यों का मिजाज भांप रहे हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का सूचकांक मामूली रूप से गिरकर निन्यानवे दशमलव पांच तीन के स्तर पर आ गया है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते के बाद सुरक्षित संपत्ति के रूप में डॉलर को जो बढ़त मिली थी, वह अब धीरे-धीरे कम होने लगी है।

"फेडरल रिजर्व द्वारा आगे के लिए मौद्रिक नीति में एक तटस्थ पूर्वाग्रह का संकेत देने की पूरी संभावना है। नए चेयरमैन समिति के भीतर आम सहमति बनाने से पहले कोई भी बड़ा बयान देने से बचना चाहेंगे।" - एरिक वाइसमैन, मुख्य अर्थशास्त्री और पोर्टफोलियो प्रबंधक, एमएफएस इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट

एशियाई बाजार का रुख

दूसरी ओर जापानी मुद्रा येन लगातार कमजोर होती जा रही है और वह प्रति डॉलर एक सौ साठ दशमलव चार तीन के स्तर पर पहुंच गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में ब्याज दरों को इकतीस साल के उच्चतम स्तर पर ले जाने के बावजूद स्थानीय मुद्रा को कोई बड़ी राहत नहीं मिल सकी है। जापानी केंद्रीय बैंक ने ईरान युद्ध के कारण उपजे ऊर्जा संकट और मूल्य दबावों को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत दरों को कड़ा करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।

"जापानी अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन इससे अगली नीतिगत कार्रवाई के समय को लेकर बाजार की उम्मीदों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। बैंक ऑफ जापान की बैठक पर फेड की बैठक का साया पूरी तरह मंडरा रहा है।" - जेन फोली, वरिष्ठ एफएक्स रणनीतिकार, राबोबैंक

इस बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी शून्य दशमलव सात शून्य छः छः डॉलर पर स्थिर बना हुआ है, क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने अपनी नकद दर को चार दशमलव तीन पांच प्रतिशत पर बरकरार रखा है। फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के समापन और आधिकारिक बयानों के बाद ही वैश्विक मुद्रा बाजार की अंतिम दिशा तय होगी। दुनिया भर के विकासशील और विकसित देशों के केंद्रीय बैंक भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के इस फैसले के बाद अपनी आगामी वित्तीय नीतियों की समीक्षा करने की तैयारी में जुट गए हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। वैश्विक मुद्रा बाजार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नीतियां अत्यधिक परिवर्तनशील हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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