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राजस्थान

कृषि भूमि बचाने के लिए सोलर प्लांट का भारी विरोध शुरू

कांकर छाजा गांव में विद्युत लाइन बिछाने के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है जिसके चलते क्षेत्र में सोलर प्लांट का भारी विरोध देखने को मिल रहा है।

By अजय त्यागी
1 min read
सोलर प्लांट का भारी विरोध

सोलर प्लांट का भारी विरोध

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बहरोड़, राजस्थान। क्षेत्र के कांकर छाजा गांव में शुक्रवार को उस समय अचानक भारी हंगामा खड़ा हो गया जब स्थानीय ग्रामीण एकजुट होकर एक बड़े सोलर पावर प्लांट की विद्युत लाइन बिछाने के कार्य के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने इस परियोजना को अपने हितों के विरुद्ध बताते हुए सोलर प्लांट का भारी विरोध किया और काम को तुरंत रोकने की मांग की। इस अप्रत्याशित हंगामे के कारण गांव में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई जिसके चलते प्रशासन और पुलिस महकमे को तुरंत हरकत में आना पड़ा।[1]

इस संवेदनशील घटना की भनक लगते ही बहरोड़ कोतवाली पुलिस प्रशासन की टीम भारी जाप्ते के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से गांव के चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। वर्तमान में पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें

सोलर प्लांट का भारी विरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे अमित योगी ने प्रशासन के सामने अपनी गंभीर आपत्तियों और मांगों को प्रमुखता से रेखांकित किया है। ग्रामीणों का स्पष्ट रूप से आरोप है कि इस बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना को लागू करते समय स्थानीय निवासियों की राय और उनके मूलभूत हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज करके जबरन विद्युत लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इस मनमानी कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और उनके पारंपरिक रोजगार को भारी नुकसान पहुंचने की प्रबल आशंका बनी हुई है।

बड़ी संख्या में धरना स्थल पर डटे ग्रामीण अपनी जायज मांगों को लेकर पूरी तरह से अड़े हुए हैं और उनका साफ कहना है कि जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो जाता तब तक उनका आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। ग्रामीणों की इस एकजुटता और जिद के कारण काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। किसान वर्ग अपनी आजीविका की सुरक्षा की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी कर रहा है जिससे माहौल में तल्खी बनी हुई है और सोलर प्लांट का भारी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।

"ग्रामीण मुख्य रूप से सोलर प्लांट की विद्युत लाइन बिछाने की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं जिसकी सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंच गई है. हम सभी पक्षों से लगातार संवाद स्थापित कर समझाइश का प्रयास कर रहे हैं और जल्द ही शांतिपूर्ण समाधान निकाल लिया जाएगा क्योंकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है." : अंकित सामरिया, थाना अधिकारी, बहरोड़ कोतवाली

प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था

तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मौके पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर पूरे कांकर छाजा क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा घेराबंदी लागू कर दी है। पुलिस लाइन से अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर गांव के मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत के माध्यम से बीच का रास्ता निकालने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि बिना किसी टकराव के इस सोलर प्लांट का भारी विरोध समाप्त किया जा सके।

दूसरी ओर किसानों की आक्रोशित भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक अमला बेहद सतर्कता से कदम उठा रहा है। अधिकारियों ने कंपनी के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की एक संयुक्त बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है ताकि नियमानुसार भूमि और पर्यावरण से जुड़े संशयों को दूर किया जा सके। फिलहाल गांव में पुलिस बल की मौजदगी से शांति बनी हुई है लेकिन जमीन पर काम शुरू करने को लेकर असमंजस बरकरार है क्योंकि ग्रामीण अपनी जमीन पर इस सौर परियोजना की लाइन डालने के खिलाफ लामबंद हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। बहरोड़ के कांकर छाजा गांव में सोलर प्लांट परियोजना की विधिक स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण नियमों, पुलिस कार्रवाई की वर्तमान स्थिति और दोनों पक्षों के बीच होने वाले प्रशासनिक समझौते से संबंधित किसी भी प्रामाणिक विवरण के लिए स्थानीय जिला प्रशासन और संबंधित ऊर्जा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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