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आम सूचना

हेल्थ अलर्ट: सरकार द्वारा प्रतिबंध की जद में आई 16 दवाएं

जनहित में 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं के उत्पादन पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। इन दवाओं को असुरक्षित मानते हुए यह कड़ा निर्णय लिया गया है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इन दवाओं के निर्माण, वितरण, बिक्री और आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। मंत्रालय का स्पष्ट मानना है कि इन दवा संयोजनों का कोई ठोस चिकित्सकीय आधार नहीं है। लंबे समय तक इनके उपयोग से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का जोखिम बना रहता है। जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा प्रतिबंध की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। [1]

विशेषज्ञ समिति की जांच

ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने इन दवा संयोजनों की गहन जांच की है। समिति ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट में इन संयोजनों को अवैज्ञानिक और चिकित्सकीय रूप से पूरी तरह अनुचित पाया है। इस प्रक्रिया के बारे में बताते हुए मंत्रालय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की गई समीक्षा के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26ए के तहत सरकार द्वारा प्रतिबंध लागू किया गया है।

प्रतिबंध की जद में आई दवाओं में एसिटाइल सैलिसिलिक एसिड-एथोहेप्टाजीन और पैरासिटामोल-लिग्नोकेन जैसे कई प्रमुख कॉम्बिनेशन शामिल हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने कई एंटीबायोटिक आधारित संयोजनों पर भी रोक लगाई है, जिनमें अमॉक्सिसिलिन-सैराटियोपेप्टिडेज और सेफ्यूरोक्साइम-सैराटियोपेप्टिडेज जैसे घटक शामिल हैं।त्वचा और स्किनकेयर उत्पादों में एलोवेरा या एलो एक्सट्रैक्ट के साथ विटामिन-ई, जोजोबा ऑयल, ऑरेंज ऑयल, व्हीट जर्म ऑयल, टी ट्री ऑयल, एलैंटोइन और डी-पैंथेनॉल जैसे संयोजन भी प्रतिबंधित किए गए हैं। सरकार द्वारा प्रतिबंध के बाद इन्हें बाजार से हटाना अनिवार्य कर दिया गया है।

सरकार का उद्देश्य नागरिकों को असुरक्षित दवाओं से बचाना है। सरकार द्वारा प्रतिबंध के बाद अब इनका उपयोग करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी उत्पाद जो इन मानदंडों पर खरा नहीं उतरता है, उसे तुरंत प्रभाव से वापस लेना होगा। भविष्य में ऐसी दवाओं का उत्पादन किसी भी कंपनी के लिए कानूनन अपराध की श्रेणी में आएगा और मंत्रालय इस पर सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मानकों एवं प्रतिबंधित दवाओं की सूची के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल को देखें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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