चढ़ावा चोरी प्रकरण: 140 पन्नों की रिपोर्ट, होंगे बड़े खुलासे
अयोध्या में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच रिपोर्ट तैयार। SIT ने 140 पन्नों में साक्ष्य जुटाए। दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद।
राम मंदिर, अयोध्या
अयोध्या, उत्तर प्रदेश। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से जुड़े प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी शनिवार देर रात अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना हो गई है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट लगभग 140 पन्नों की तैयार की गई है, जिसमें मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों और साक्ष्यों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। एसआईटी के करीब 20 सहयोगी सदस्य अभी भी राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद हैं और जांच से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। [1]
जांच प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक चढ़ावा चोरी प्रकरण में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव से भी पूछताछ की गई है। बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक चली इस पूछताछ की वीडियोग्राफी भी कराई गई। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि रिपोर्ट में चढ़ावे के प्रबंधन में पाई गई अनियमितताओं और लापरवाही का विस्तृत ब्यौरा है। एसआईटी की जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनमें मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और निर्माण सहायक की भूमिका के संदर्भ में साक्ष्य जुटाए गए हैं। इस चढ़ावा चोरी प्रकरण के तहत ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों से भी जानकारी ली गई है।
जांच का ब्यौरा
एसआईटी की जांच में चढ़ावे की राशि में अनियमितताओं के बिंदु सामने आए हैं, जिसे लेकर गणना और बैंक कर्मियों की भूमिका का भी उल्लेख है। इन बिंदुओं पर वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की संभावना है। 13 जून को गठित एसआईटी जांच के लिए 15 जून को अयोध्या पहुंची थी। इसमें शामिल लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज आईजी किरन एस व विशेष सचिव वित्त नील रतन ने छह दिन में ट्रस्ट के पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, गणना कर्मियों व संदिग्धों से पूछताछ की है। चढ़ावा चोरी प्रकरण में सोमवार को एसआईटी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप सकती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। मंदिर ट्रस्ट से संबंधित किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए ट्रस्ट की वेबसाइट देखें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।