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प्रादेशिक

बाढ़ का कहर, पांच लोग लापता, छह जिले कटे, भारी तबाही

पश्चिमी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से बाढ़ का कहर देखने को मिला। अभी पांच लोग लापता हैं और छह जिलों का संपर्क कट गया है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

By अजय त्यागी
1 min read
बाढ़ का कहर

बाढ़ का कहर

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तेजपुर, अरुणाचल प्रदेश। पश्चिमी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने बुधवार को भारी तबाही मचा दी है। इस भीषण आपदा में पांच लोग लापता हो गए हैं और भूस्खलन व अचानक आई बाढ़ के कारण छह जिलों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। अरुणाचल में बाढ़ का कहर इस कदर है कि कीई पानयोर जिले में कई घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिए गए हैं और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। [विडियो]

कीई पानयोर जिले के पोसा इलाके में स्थित एनईईपीसीओ कॉलोनी में बाढ़ के दौरान 17 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इन घायलों को उपचार के लिए जीरो के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण, गंभीर रूप से घायल लोगों को मलबे वाली जगहों से पैदल पार करके एम्बुलेंस तक पहुँचाना पड़ा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आपदा के बाद से पांच लोग लापता हैं। बाढ़ का कहर पूरे अरुणाचल के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। [1]

राहत और बचाव

लापता लोगों में एलेश मारक (13), बालारी मारक (30), ताओ अंजना (46), निर्मला गुप्ता और सौरव कुमार शामिल हैं। बचाव अभियान निरंतर जारी है। कीई पानयोर के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, इस आपदा से केवल कीई पानयोर ही नहीं, बल्कि ऊपरी सुबनसिरी, कामले, निचले सुबनसिरी, कुरुंग कुमे और क्रा दादी जिले भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बचाव दल दिन-रात कठिन परिस्थितियों में खोजबीन कर रहे हैं ताकि लापता व्यक्तियों का सुरक्षित पता लगाया जा सके।

किमिन मार्ग पर किलोमीटर 15, 21 और 23 पर बड़े भूस्खलन हुए हैं, जबकि आईसीआर-होज-यज़ली राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्से बुरी तरह प्रभावित हैं। होज ब्रिज और जंक्शन, जो पाक्के केसांग और पूर्वी कामेंग जिलों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है, पूरी तरह कट चुका है। सीमा सड़क संगठन और राजमार्ग विभाग संपर्क बहाल करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। अरुणाचल में बाढ़ का कहर इतना अधिक है कि महत्वपूर्ण मार्गों के गुरुवार शाम तक आंशिक रूप से खुलने की ही उम्मीद है।

आधिकारिक बयान

आपदा प्रतिक्रिया बल और एनडीआरएफ के जवान जमीनी स्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं। पान्योर लोअर हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के जलाशय में जल स्तर अचानक बढ़ने से फंसे एक छात्र और एक जानवर को सुरक्षित निकालने के सफल प्रयास किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण नुकसान का आकलन अभी बाकी है क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्र दुर्गम बने हुए हैं। प्रशासन ने निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त सलाह दी है।

कीई पानयोर के पुलिस अधीक्षक ने स्थिति की जानकारी देते हुए राहत कार्यों के बारे में स्पष्ट किया है कि टीमें पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं।

"जिला पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और अन्य एजेंसियां फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य कर रही हैं। याज़ली जलाशय से एक व्यक्ति को और जीएसआई के एक वैज्ञानिक को बचाया गया है।" — पुलिस अधीक्षक, कीई पानयोर

सतर्कता और स्थिति

बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। अरुणाचल में बाढ़ का कहर झेल रहे इन क्षेत्रों में दवाओं और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है, जिससे भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है। नागरिक सुरक्षा के लिए प्रशासन ने पोतिन-पोसा मार्ग पर यात्रा न करने का परामर्श दिया है।

प्रभावित क्षेत्रों में संचार और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिला अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और आवश्यक वस्तुओं या ईंधन की जमाखोरी न करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लापता लोगों की तलाश और घायलों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराना है। आने वाले दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान चुनौतीपूर्ण है, इसलिए बचाव टीमें हाई अलर्ट पर हैं। स्थिति की समीक्षा निरंतर की जा रही है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। आपदा की स्थिति और राहत कार्यों की प्रगति में समय के साथ बदलाव हो सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

 

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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