इंटरनेशनल पुलिस एक्सपो में विशेष बाइक एंबुलेंस रक्षिता छाई
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने संकरी गलियों हेतु विशेष बाइक एंबुलेंस रक्षिता बनाई है जो आपदा क्षेत्रों में कम लागत पर मरीजों को तुरंत सुरक्षित मेडिकल सहायता
विशेष बाइक एंबुलेंस रक्षिता
नई दिल्ली, दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ‘रक्षिता’ नाम की एक विशेष बाइक एंबुलेंस विकसित की है। इसकी खास बात यह है कि जिन इलाकों में एंबुलेंस की सुविधा नहीं पहुंच सकती वहां से गंभीर मरीजों को निकालने में यह सक्षम है। दूसरे शब्दों में संकरी गलियों और आपदा क्षेत्रों में यह काफी उपयोगी साबित होगी। यह बाइक ऑक्सीजन सपोर्ट, ईसीजी मॉनिटरिंग और अन्य हेल्थ पैरामीटर से लैस है, साथ ही यह एंबुलेंस कम लागत में तेज और सुरक्षित मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने का दावा करती है। इस विशेष बाइक एंबुलेंस रक्षिता को भारत मंडपम में आयोजित इंटरनेशनल पुलिस एक्सपो में प्रदर्शित किया गया है। [1]
अभी तक जिन एंबुलेंस का इस्तेमाल हो रहा था वह चार पहिया एम्बुलेंस संकरे रास्ते और पतली गलियों में नहीं जा पाती थी। इस समस्या को देखते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने एक बाइक एंबुलेंस को डिजाइन किया है। इस बाइक एंबुलेंस को इस तरीके से तैयार किया गया है कि उस पर मरीज को आसानी से बिठाकर सुरक्षित तरीके से अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया सकता है। इस एंबुलेंस को रक्षिता नाम दिया गया है जिसकी वर्तमान समय में काफी चर्चा हो रही है। इस तकनीक के आने से स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
सारे हेल्थ पैरामीटर
डीआरडीओ के टेक्नोलॉजी पार्टनर कंपनी स्काईलैंड पावर सॉल्यूशन की ओर से प्रशांत अरोड़ा ने बताया कि "यह विशेष बाइक एंबुलेंस रक्षिता मरीज की देखभाल के लिए जितने पैरामीटर की जरूरत होती है, उन सभी पैरामीटर से लैस है. ऑक्सीजन लेवल, ईसीजी अपडेट सहित सारे हेल्थ पैरामीटर को इसमें लगाई गई स्क्रीन पर आसानी से देख सकते हैं. साथ ही बाइक एंबुलेंस की चेयर के नीचे एक छोटा सा ऑक्सीजन का सिलेंडर भी रहता है. इसको स्ट्रेचर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है. साथ ही चेयर पर मरीज को आराम से बैठा करके ले जाया जा सकता है. यह बाइक एंबुलेंस आपदा वाली जगह जैसे बाढ़ और तंग रास्तों वाली जगह पर आसानी से इस्तेमाल की जा सकती है. इसको शुरुआत में सीआरपीएफ के लिए बनाया गया था. इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए यह तैयारी की जा रही है."
प्रशांत अरोड़ा ने बताया कि चार पहिया जो एंबुलेंस होती है उससे इसकी कीमत आधी रखी गई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने अभी इसकी कीमत 3.5 लाख रुपये तय की है, जो आगे बदली जा सकती है। लेकिन फिर भी यह आम एंबुलेंस से आधी कीमत में उपलब्ध हो जाएगी जिससे सुदूर क्षेत्रों में लोगों की जान समय पर बचाई जा सकेगी। यह एंबुलेंस बहुत किफायती दरों पर तैयार की गई है जो हर वर्ग तक त्वरित चिकित्सा पहुंचाने में मददगार होगी।

बाइक के फीचर्स
तेजी के साथ सीट को हटाने की और फिट करने की सुविधा दी गई है। इसकी सीट एडजेस्टेबल है, आगे और पीछे पैरों के आराम के हिसाब से इसको एडजस्ट किया जा सकता है। हेड इमोबिलाइजर, सेफ्टी हार्नेस और मरीज का पूरा ध्यान इसमें रखा गया है। इमरजेंसी मेडिकल इक्विपमेंट जैसे ऑक्सीजन सप्लाई, इन फ्लूड, स्प्लिंट सेट और जरूरी दवाइयां को रखने की पर्याप्त जगह दी गई है जिससे आपातकाल में परेशानी न हो।
ट्रैफिक के दौरान एम्बुलेंस सायरन और बीकन लाइट और स्मूथ पास की व्यवस्था दी गई है। इसमें इस्तेमाल की गई बाइक को एंबुलेंस और बाइक दोनों तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए इस तकनीक को भारतीय जरूरतों के हिसाब से बेहतरीन ढंग से ढाला गया है जिससे संकरे और दुर्गम रास्तों पर बिना किसी बाधा के मेडिकल टीम पहुंच सके।
कीमत और मांग
इस विशेष बाइक एंबुलेंस रक्षिता की बढ़ती मांग को देखते हुए आगे बड़े स्तर पर इसकी तैयारी की जा रही है। सुरक्षा बलों और तंग इलाकों में रहने वाली आबादी के लिए यह आने वाले दिनों में संजीवनी साबित होगी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा निर्मित यह प्रणाली भारतीय चिकित्सा बुनियादी ढांचे के लिए एक क्रांतिकारी कदम है।
इस प्रकार कम लागत और अत्यधिक आधुनिक स्वास्थ्य उपकरणों से लैस यह विशेष बाइक एंबुलेंस रक्षिता मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने का एक सुगम माध्यम बनेगी। आपदा और बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में भी इसकी उपयोगिता सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है जिससे गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को बिना देरी किए चिकित्सा केंद्र लाया जा सकेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य उपकरण अथवा चिकित्सा एंबुलेंस की सटीक कीमतों और तकनीकी विशिष्टताओं के लिए हमेशा संबंधित आधिकारिक निर्माता संगठन से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।