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अंतरराष्ट्रीय

अमेरिका और ईरान में टकराव: होर्मुज जलडमरूमध्य में गहराया तनाव

अमेरिका और ईरान में टकराव की इस ताजा घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक और आर्थिक समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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वाशिंगटन, अमेरिका। अमेरिका और ईरान में टकराव होने के कारण खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार उनके विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थानों तथा तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों ने एक दूसरे पर पिछले सप्ताह हुए युद्ध विराम समझौते के नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह सैन्य अभियान अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। [1]

दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया कि दक्षिण ईरान के सीरिक में एक घाट के पास प्रक्षेप्य टकराया जिसके जवाब में ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हालांकि तेहरान ने इस बात की विस्तृत जानकारी नहीं दी कि अमेरिकी ठिकानों पर क्या नुकसान हुआ है। इस बीच मध्य पूर्व से प्रगति के संकेत भी मिले हैं जहां इजरायल और लेबनान ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई को समाप्त करने वाले एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत हिजबुल्लाह को निशस्त्र होना होगा और इजरायल लेबनान से अपनी सेना हटाएगा।

नया सैन्य संकट

तेहरान ने पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखने की बात कही थी और खाड़ी देशों को चेतावनी दी थी कि वे ओमान तट के पास मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद वाशिंगटन का साथ न दें। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इसे पिछले हफ्ते के अंतरिम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन बताया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ईरानी बलों द्वारा वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ अकारण की गई आक्रामकता ने स्थापित युद्ध विराम का खुला उल्लंघन किया है।

अमेरिकी सेना ने रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग समन्वय और सहायता प्रदान करना जारी रखने की घोषणा की है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकियों ने युद्ध विराम समझौते का पूरी तरह सम्मान किया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर ईरान को समझौता लागू होने पर कोई असहमति थी तो वे बात कर सकते थे लेकिन अब किसी भी प्रकार की हिंसा का जवाब सीधे तौर पर सैन्य हिंसा से ही दिया जाएगा। अमेरिका और ईरान में टकराव के कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते बंद होने की आशंका बढ़ गई है।

बंदरगाह पर हमला

ईरानी सरकारी मीडिया ने एक सैन्य स्रोत के हवाले से सीरिक बंदरगाह पर धमाके के बाद हमले की पुष्टि की है। स्रोत के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर पांच घंटे पहले चेतावनी शॉट दागे गए थे और दो चेतावनी मिसाइलें भी छोड़ी गई थीं। हालांकि बाद में ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने पूर्वी होर्मोज़गान के बंदरगाहों के प्रमुख के हवाले से कहा कि अमेरिकी हमलों से सीरिक बंदरगाह की सुविधाओं या उपकरणों को कोई नुकसान नहीं हुआ है और वहां कामकाज पूरी तरह सामान्य है। अमेरिका और ईरान में टकराव की इस स्थिति पर सुरक्षा विशेषज्ञ पैनी नजर रखे हुए हैं।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उनकी नौसेना ने उन स्थानों पर जवाबी हमला किया है जहां आतंकवादी अमेरिकी सेना तैनात है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अन्य अमेरिकी हमले का इससे भी बड़े पैमाने पर जवाब दिया जाएगा। उनके अनुसार युद्ध विराम समझौता ईरान को जलडमरूमध्य में जहाज यातायात पर नियंत्रण प्रदान करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने विभिन्न मोर्चों को भड़काकर इस प्रतिबद्धता का उल्लंघन करने का प्रयास किया है जिसका आवश्यक जवाब दिया गया है। अमेरिका और ईरान में टकराव बढ़ने के बीच अमेरिका ने ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर हमले के दावों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बाजार पर असर

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि ट्रम्प बातचीत या युद्ध विराम के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने में पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि युद्ध विराम का यह लापरवाह उल्लंघन अमेरिकी पक्ष के लिए हमेशा की तरह पीछे हटने और बड़े पछतावे का कारण बनेगा। इस नई सैन्य हिंसा के भड़कने से पहले शुक्रवार को वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में लगभग तीन प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई थी जो साप्ताहिक रूप से बड़े नुकसान की ओर अग्रसर थी।

सऊदी अरामको ने करीब चार महीने के लंबे गतिरोध के बाद खाड़ी में दुनिया के सबसे बड़े तेल बंदरगाह रास तनुरा टर्मिनल पर कच्चे तेल की लोडिंग फिर से शुरू कर दी है। जलडमरूमध्य के माध्यम से उर्वरक लदान में भी तेजी आई है जिससे वैश्विक खाद्य कीमतों में वृद्धि की चिंता कम हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खाड़ी देशों का दौरा पूरा करते हुए खाड़ी सहयोग परिषद के साथ एक संयुक्त बयान जारी कर जलडमरूमध्य में बिना किसी टोल या नियंत्रण के प्रयासों के स्वतंत्र और अप्रतिबंधित नौवहन का आह्वान किया। इसके विपरीत ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर केवल ईरान और ओमान का ही वैधानिक शासन होना चाहिए। अमेरिका और ईरान में टकराव के बाद दोनों पक्षों की बयानबाजी काफी उग्र हो गई है।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापारिक परिवर्तनों के इस नाजुक दौर में व्यापारिक समुदायों को अत्यंत सतर्कता बरतनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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