ऐतिहासिक धरोहर की तस्करी नाकाम, कांचीपुरम में चोरी की मूर्ति बरामद
तमिलनाडु पुलिस की आइडल विंग सीआईडी ने कांचीपुरम जिले के वालाजाबाद के पास से चोरी की मूर्ति बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
अम्मन देवी की अत्यंत प्राचीन धातु की मूर्ति
कांचीपुरम, तमिलनाडु। राज्य पुलिस की विशेष टीम ने प्राचीन धातुओं की मूर्तियों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो अम्मन देवी की एक अत्यंत प्राचीन धातु की मूर्ति को अवैध रूप से ले जाने की कोशिश कर रहे थे जिनसे चोरी की मूर्ति बरामद की गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान चेंगलपट्टू जिले के तेन्नेरी निवासी प्रेमकुमार, आतुर वडापथी निवासी पुरुषोत्तमन और कांचीपुरम जिले के नथापेट्टई निवासी विग्नेश के रूप में हुई है। कांचीपुरम रेंज की आइडल विंग सीआईडी को इस अवैध गतिविधि के संबंध में पहले ही एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। [1]
पुलिस को मिली सटीक जानकारी के अनुसार तीन संदिग्ध व्यक्ति थिम्मराजापेट्टई बस स्टॉप के पास एक शॉपिंग बैग में प्राचीन मूर्ति को छिपाकर ले जा रहे थे। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तरी क्षेत्र की पुलिस उपअधीक्षक उमारानी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बस स्टॉप के आसपास अपनी सतर्क निगरानी बढ़ा दी। जब पुलिस ने बस स्टॉप पर खड़े तीन संदिग्धों से पूछताछ की तो उन्होंने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें तुरंत दबोच लिया।
पुलिस कार्रवाई
विशेष टीम ने तीनों संदिग्धों को पकड़कर उनके पास मौजूद शॉपिंग बैग की गहन तलाशी ली। इस तलाशी के दौरान बैग के अंदर से अम्मन देवी की एक प्राचीन धातु की मूर्ति बरामद हुई। इस मूर्ति की कुल ऊंचाई लगभग तीस दशमलव पांच सेंटीमीटर और चौड़ाई सोलह सेंटीमीटर पाई गई है, जिसका कुल वजन दो किलो तीन सौ ग्राम है। इसके बाद विशेष टीम तीनों आरोपियों को आगे की कड़ी पूछताछ के लिए तुरंत पुलिस थाने लेकर आई।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह प्राचीन मूर्ति तमिलनाडु के ही किसी मंदिर से चुराई गई थी। इसके बाद आइडल विंग की पुलिस ने तीनों व्यक्तियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी विग्नेश ने स्वेच्छा से अपना इकबालिया बयान दिया, जिसके बाद पुलिस ने मूर्ति को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
अदालत की कार्रवाई
चोरी की मूर्ति बरामद होने के बाद पुलिस ने इस मामले की मूल प्रथम सूचना रिपोर्ट और जब्त की गई प्राचीन मूर्ति को चेन्नई के एग्मोर स्थित मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया है। तस्करी के इस गंभीर मामले में शामिल तीनों आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई का पूरा विवरण साझा करते हुए बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
इस पूरे नेटवर्क का पूरी तरह से भंडाफोड़ करने के लिए विल्लुपुरम रेंज की इंस्पेक्टर देइवनायकी के नेतृत्व में एक विशेष टीम काम कर रही है। पुलिस टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की मूर्ति बरामद होने से पहले इसे किस विशिष्ट मंदिर से चुराया गया था। इसके साथ ही इस अंतरराष्ट्रीय या राज्य स्तरीय तस्करी अभियान के पीछे मुख्य रूप से शामिल अन्य मास्टरमाइंड व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिशें भी तेज कर दी गई हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। प्राचीन और ऐतिहासिक संपदाओं की सुरक्षा के लिए नागरिकों को अपने आस-पास की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन को देनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।