WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
प्रादेशिक

फर्जी कागजात से बैंक में बड़ा फ्रॉड, उड़ गए करोड़ों रुपये

बैंक में बड़ा फ्रॉड कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों का चूना लगाने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

Thanks to all the readers for their 3+ Years of dedication and trust

गया, बिहार। बिहार के गया में जीबी रोड स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा में करीब 3.8 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के सिलसिले में दो पूर्व बैंक प्रबंधकों सहित 28 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। बैंक में बड़ा फ्रॉड होने की इस घटना से पूरे बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप मच गया है क्योंकि जालसाजों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया है। सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। [1]

फर्जी लोन खाता

यह घोटाला तब सामने आया जब बैंक की केंद्रीय टीम ने आंतरिक ऑडिट के दौरान कुछ संदिग्ध ऋण खातों की गहनता से पुष्टि की। ऑडिट के दौरान पता चला कि फाइलों में सूचीबद्ध वाहनों के इंजन नंबर, चेसिस नंबर और स्वामित्व विवरण पूरी तरह से फर्जी थे। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण राशि वितरित की गई थी। ऑडिट रिपोर्ट ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि यह मानवीय भूल का मामला नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से बैंक में बड़ा फ्रॉड करने की एक साजिश थी।

प्राथमिकी के अनुसार नामजद बैंक अधिकारियों में सेल्स डिवीजन के रिलेशनशिप मैनेजर वारिस आज़म और टीम सेल्स मैनेजर रोहित राज शामिल हैं। इन अधिकारियों पर संदेह है कि उन्होंने भारी कमीशन के लालच में इन धोखाधड़ी वाली फाइलों को आगे बढ़ाया था। लोन मंजूरी के लिए स्थापित बैंकिंग मानदंडों का सरेआम उल्लंघन किया गया और धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को सभी साजिशकर्ताओं ने आपस में बांट लिया। इस प्रकार बैंक में बड़ा फ्रॉड कर मोटी रकम डकार ली गई जिससे बैंक को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

पुलिस की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए गया के पुलिस अधीक्षक अभिनव ने बताया कि सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज होने के बाद विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए गहन जांच की जा रही है। चूंकि बैंक वर्तमान में बंद है, इसलिए रिकॉर्ड की केवल प्रारंभिक चरण में ही जांच की जा सकी है। पुलिस टीम सभी आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आए।

"चूंकि बैंक वर्तमान में बंद है, इसलिए रिकॉर्ड की केवल प्रारंभिक चरण में ही जांच की जा सकी है। हमने आरोपियों को पकड़ने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, और इस रैकेट से जुड़े अन्य व्यक्तियों को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।" — अभिनव, पुलिस अधीक्षक, गया

बैंक के सहायक प्रबंधक कुमार दीपेश द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। इस बड़ी धोखाधड़ी के उजागर होने के बाद अब वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। बैंक में बड़ा फ्रॉड करने वाले सभी 28 नामजद आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि उन्हें अदालत में सख्त सजा दिलाई जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। किसी भी लोन या बैंकिंग प्रक्रिया के लिए हमेशा बैंक के आधिकारिक नियमों और शाखा से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source