महान समाजसेवी चम्पालाल डागा की पावन स्मृति में भावपूर्ण स्मृति सभा
बीकानेर के गंगाशहर में श्री नई लेन ओसवाल पंचायती प्रन्यास के अध्यक्ष चम्पालाल डागा के आकस्मिक निधन पर भावपूर्ण स्मृति सभा आयोजित की गई।
भावपूर्ण स्मृति सभा
बीकानेर, राजस्थान। श्री नई लेन ओसवाल पंचायती प्रन्यास गंगाशहर के तत्कालीन अध्यक्ष एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी स्वर्गीय चम्पालाल डागा के चौबीस जून को हुए आकस्मिक निधन के पश्चात प्रन्यास परिसर में एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया। इस शोक सभा में समाज के तमाम गणमान्य नागरिकों, प्रन्यास के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सक्रिय ट्रस्टियों एवं बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने उपस्थित होकर स्वर्गीय डागा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस गरिमामयी कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ धर्मेन्द्र डाकलिया और भँवरलाल डाकलिया द्वारा णमोकार महामंत्र के सामूहिक पवित्र उच्चारण एवं मंगल गीतिका से किया गया। इस आध्यात्मिक शुरुआत से संपूर्ण वातावरण पूरी तरह श्रद्धा एवं गहरी संवेदनाओं से ओत-प्रोत हो गया। उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा के प्रति गहरा आदर व्यक्त किया जिसके बाद इस पावन परिसर में यह भावपूर्ण स्मृति सभा आगे बढ़ी।
अनवरत सेवाएं
प्रन्यास के वर्तमान उपाध्यक्ष विमल सिंह चोरड़िया ने डागा के प्रन्यास सहित अनेक सामाजिक संस्थानों में रहे अतुलनीय योगदान और उनके महान व्यक्तित्व के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेन्द्र कुमार पटवा ने बताया कि डागा प्रन्यास में लगभग साठ वर्षों से विभिन्न रूपों में अपनी अनवरत सेवाएं जीवन के अंतिम क्षण तक पूरी निष्ठा से प्रदान करते रहे।
भावपूर्ण स्मृति सभा के दौरान जतन दुगड़ ने प्रन्यास के मुख्य संरक्षक टोडरमल लालाणी का विशेष श्रद्धांजलि संदेश उपस्थित सभा में पढ़कर सुनाया। इस लिखित संदेश में स्वर्गीय चम्पालाल डागा के दूरदर्शी नेतृत्व, अद्भुत संगठन क्षमता, निस्वार्थ समाज सेवा तथा प्रन्यास के सर्वांगीण विकास में उनके द्वारा दिए गए अविस्मरणीय और ऐतिहासिक योगदान का बहुत ही सम्मानजनक रूप से उल्लेख किया गया था।

श्रद्धासुमन अर्पित
इसके पश्चात प्रन्यास के विभिन्न पदाधिकारियों, न्यासियों, पूर्व न्यासियों और समाज के प्रबुद्ध व्यक्तियों में शामिल सहमंत्री किशनलाल बैद, मनीष बाफना, पुखराज चौपड़ा, तोलाराम बोथरा, नारायण चोपड़ा, भैरुदान सेठीया और रिद्धकरण सेठीया ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इनके साथ ही अमरचन्द सोनी, दिलीप कातेला, चंचल बोथरा एवं देवकिशन मारु ने डागा के सादगीपूर्ण जीवन, दूरदर्शी नेतृत्व एवं अमूल्य योगदान का स्मरण किया।
इस शोक कार्यक्रम का बहुत ही प्रभावी एवं गरिमामय मंच संचालन प्रन्यास के मंत्री सुरेन्द्र कुमार पटवा द्वारा किया गया। सभा के अंतिम चरण में स्वर्गीय चम्पालाल डागा के परिवार की ओर से विमल डागा ने उपस्थित सभी समाजबंधुओं, अतिथियों एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले वक्ताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय चम्पालाल के आदर्श और संस्कार सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
शोक सभा का विधिवत समापन दिवंगत पुण्यात्मा की आत्मिक शांति की सामूहिक प्रार्थना एवं भावपूर्ण स्मृति सभा में उपस्थित सभी लोगों द्वारा दो मिनट का मौन रखकर लोगसस्स का ध्यान करने के साथ हुआ। डागा साहब का अचानक इस प्रकार चले जाना पूरे जैन समाज और स्थानीय सामाजिक क्षेत्रों के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है जिसकी पूर्ति करना निकट भविष्य में अत्यंत कठिन होगा।
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