कांग्रेस के हस्तक्षेप के बाद निजी बिजली कम्पनी मुआवजा देने को राजी
कोटा में बिजली कंपनी की कथित लापरवाही से मृत युवक विनोद मेघवाल के पीड़ित परिवार के लिए कांग्रेस के हस्तक्षेप के बाद मुआवजा राशि स्वीकृत।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। शहर के तकिये का नयागांव निवासी सत्ताईस वर्षीय युवक विनोद मेघवाल की निजी बिजली प्रदाता कंपनी केईडीएल की कथित लापरवाही के कारण हुई दर्दनाक मौत के मामले में एक बड़ा प्रशासनिक मोड़ सामने आया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग कोटा शहर के नेतृत्व में किए गए उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के हस्तक्षेप के कारण पीड़ित परिवार को सम्मानजनक वित्तीय सहायता एवं मुआवजा राशि दिलाने का आधिकारिक दावा किया गया है।
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर दबाव बनाकर आश्रितों को तुरंत आर्थिक संबल प्रदान करने की मांग की थी। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग कोटा शहर के जिलाध्यक्ष अशोक मेघवाल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उनके संगठन ने स्थानीय जिला प्रशासन एवं संबंधित निजी बिजली कंपनी के समक्ष पीड़ित परिवार की जायज मांगों को बेहद प्रमुखता के साथ उठाया था।
वित्तीय सहायता
अशोक मेघवाल ने मीडिया को बताया कि एक कमाऊ युवा की असमय मृत्यु हो जाने से इस गरीब परिवार के सामने अचानक गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। इसी वजह से संगठन ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए धरातल पर कड़ा संघर्ष किया। उनके बड़े आंदोलन और जिला प्रशासन से लगातार हुई लंबी वार्ता के बाद मृतक के परिजनों के लिए दस लाख रुपये का तत्काल मुआवजा स्वीकृत कराया गया है।
इसके अतिरिक्त मृतक के बुजुर्ग पिता की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पांच हजार रुपये प्रतिमाह की नियमित पेंशन भी मंजूर कराई गई है। इस पूरी व्यवस्था के अंतर्गत पीड़ित आश्रितों के लिए छह लाख रुपये की बीमा राशि तथा लगभग दो लाख रुपये ईएसए और पीएफ के रूप में मिलने वाली समस्त देय राशि कांग्रेस के हस्तक्षेप से पूरी तरह से सुनिश्चित करा दी गई है।
प्रशासनिक जांच
इस सफल आंदोलन और वार्ता के दौरान शहर उपाध्यक्ष सियाराम वर्मा, कोमल कुमार, सत्येंद्र मेरोठा, शहर महासचिव महावीर रेगर, बाबूलाल मेघवाल, जसवंत रेगर, दिनेश मेरोठा एवं अरुण वर्मा सहित मेघवाल समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इन सभी लोगों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए पीड़ित परिवार के हक के लिए आवाज बुलंद की थी।
अशोक मेघवाल ने अंत में स्पष्ट कहा कि उनका संगठन इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की जाए। हादसे के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों एवं लापरवाह लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए कांग्रेस के हस्तक्षेप की नौबत न आए।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। किसी भी दुर्घटना के मामलों में सरकारी अथवा निजी कंपनियों द्वारा देय मुआवजे, पेंशन एवं पीएफ दावों की सटीक विधिक प्रक्रियाओं की पुष्टि के लिए हमेशा संबंधित विभाग के अधिकृत दिशा-निर्देशों को ही सर्वोपरि मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।