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अंतरराष्ट्रीय

युद्ध के मैदान में बदलाव के लिए यूक्रेन की सैन्य सहायता

यूक्रेन की सैन्य सहायता के लिए यूरोपीय शांति कोष से अरबों डॉलर का अतिरिक्त फंड जारी कराने की कोशिशें तेज हो गई हैं, जिससे युद्ध की दिशा बदल सकती है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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कीव, यूक्रेन। युद्ध के मैदान में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए यूक्रेन ने एक बड़ा कदम उठाया है। रायटर्स द्वारा देखे गए एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, यूक्रेन ने अपने यूरोपीय संघ (EU) के सहयोगियों से यूरोपीय शांति सुविधा (EPF) के तहत उपलब्ध 6.6 बिलियन यूरो (लगभग 7.5 बिलियन डॉलर) के फंड को सीधे सैन्य मदद के रूप में आवंटित करने की अपील की है। यूक्रेन का मानना है कि आगामी छह से नौ महीने उसके लिए युद्ध के मैदान में "अवसर की एक बड़ी खिड़की" (विंडो ऑफ अपॉर्चुनिटी) के समान हैं, जिसका वह पूरा लाभ उठाना चाहता है।

रायटर्स के अनुसार, यूक्रेन के रक्षा मंत्री मायखाइलो फेडोरोव द्वारा 26 जून को लिखे गए इस पत्र में देश की गंभीर वित्तीय और सैन्य जरूरतों का उल्लेख किया गया है। अनुमानों के मुताबिक, इस साल यूक्रेन की कुल रक्षा जरूरत लगभग 136 बिलियन यूरो है। इस भारी-भरकम राशि में से यूक्रेन का अपना राष्ट्रीय बजट केवल 53 बिलियन यूरो के हिस्से को ही कवर कर पा रहा है, जिसके कारण देश को बड़े पैमाने पर बाहरी मदद की दरकार है। [1]

रक्षा बजट का बड़ा घाटा

रक्षा मंत्री फेडोरोव ने पत्र में स्पष्ट किया कि यूक्रेन को इस साल 90 बिलियन यूरो के ईयू लोन से रक्षा उद्देश्यों के लिए लगभग 28.3 बिलियन यूरो प्राप्त होने वाले हैं। हालांकि, इस बड़ी मदद और कीव के अपने स्वयं के आंतरिक वित्तपोषण के बावजूद, देश की "पर्याप्त" रक्षा वित्तीय आवश्यकताएं अभी भी अधूरी हैं। यही कारण है कि आगामी महीनों में यूक्रेन की सैन्य सहायता को बढ़ाना बेहद अपरिहार्य हो गया है ताकि मोर्चे पर रूसी सेना का मजबूती से मुकाबला किया जा सके।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ईपीएफ के तहत मिलने वाले यह फंड इस साल यूक्रेन के रक्षा प्रयासों में सबसे प्रभावशाली यूरोपीय योगदानों में से एक बन सकते हैं। लेकिन यह तभी संभव होगा जब इन संसाधनों को सीधे उन मोर्चों पर निर्देशित किया जाए जहां वे सबसे बड़ा और सबसे तत्काल सैन्य प्रभाव पैदा कर सकें। इस रणनीतिक फंड के मिलने से सेना को अग्रिम मोर्चे पर हथियारों और रसद की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा।

अग्रिम मोर्चे पर नई रणनीति

इस साल युद्ध के मैदान से आ रही रिपोर्टों के अनुसार रूस की बढ़त की रफ्तार काफी धीमी हुई है। यूक्रेन ने अग्रिम मोर्चे के कुछ हिस्सों पर न केवल सफल जवाबी हमले (काउंटर-अटैक) किए हैं, बल्कि रूसी क्षेत्र में अपने मध्यम और लंबी दूरी के हमलों का भी बेहतरीन फायदा उठाया है। इन हमलों के जरिए यूक्रेन ने मॉस्को की रसद आपूर्ति को बाधित करने और उसकी तेल राजस्व की कमाई को बड़े पैमाने पर रोकने में सफलता हासिल की है। इस बढ़त को बनाए रखने के लिए ही यूक्रेन की सैन्य सहायता में तत्काल बढ़ोतरी की मांग की जा रही है।

इसके अलावा, रक्षा मंत्री फेडोरोव ने 17 जून को एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी खुलासा किया था कि वह यूक्रेन डिफेंस कॉन्टैक्ट ग्रुप (रामस्टीन ग्रुप) से अतिरिक्त 20 बिलियन डॉलर की सैन्य फंडिंग की मांग कर रहे हैं। 50 देशों का यह गठबंधन यूक्रेन को पहले ही 40 बिलियन डॉलर की सहायता देने की प्रतिबद्धता जता चुका है, लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए यूक्रेन को और अधिक वित्तीय मदद की आवश्यकता है।

“यूरोपीय शांति कोष के इन संसाधनों को यदि सही समय पर सही जगह इस्तेमाल किया गया, तो यह हमारी रक्षात्मक क्षमता को अभूतपूर्व मजबूती देगा। युद्ध का यह मोड़ हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके लिए यूक्रेन की सैन्य सहायता को बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाना चाहिए।” — मायखाइलो फेडोरोव, रक्षा मंत्री, यूक्रेन

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इस सामग्री का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार के व्यावसायिक, नीतिगत अथवा रणनीतिक दावों की पुष्टि करना नहीं है, बल्कि केवल सार्वजनिक सूचना उपलब्ध कराना है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी प्रकार के स्वतंत्र निर्णयों के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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