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बाज़ार और निवेश

सोने की कीमतें गिरीं, चांदी भी लुढकी, निवेशकों को लगा बड़ा झटका

सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी के दबाव और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते बुधवार को एक प्रतिशत तक टूट गईं।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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लंदन। वैश्विक बाजारों में बुधवार को सोने की कीमतें एक प्रतिशत तक गिर गईं और यह अपने सात महीने के निचले स्तर के करीब पहुंच गईं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हुई बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते की उम्मीदें धूमिल होने से बाजार में महंगाई और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि की आशंकाएं बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) 1% की गिरावट के साथ 3,969.03 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि इससे पिछले सत्र में यह फिसलकर 3,942.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था, जो पिछले साल नवंबर के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी सोना वायदा भी अगस्त डिलीवरी के लिए 1.4% टूटकर 3,982.90 डॉलर पर बंद हुआ। इसके साथ ही साल 2026 की दूसरी तिमाही में सोने ने साल 2013 के बाद की अपनी सबसे बड़ी त्रैमासिक गिरावट दर्ज की है। [1]

अमेरिकी फेड नीति का दबाव

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में सुधार के कारण सोने की कीमतें लगातार दबाव में बनी हुई हैं। डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए डॉलर-मूल्य वाले बुलियन को खरीदना काफी महंगा हो गया है, जिससे इसकी मांग में कमी आई है। क्लीवलैंड फेडरल रिजर्व बैंक की अध्यक्ष बेथ हैमैक ने भी संकेत दिए हैं कि यदि मुद्रास्फीति का दबाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले समय में ब्याज दरों को और बढ़ाया जा सकता है।

व्यापारी और निवेशक अब सितंबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की करीब 67% संभावना जता रहे हैं। निवेशकों की नजरें अब जून के एडीपी रोजगार डेटा और नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर टिकी हैं, जिससे केंद्रीय बैंक के आगामी नीतिगत फैसलों का सटीक संकेत मिल सकेगा। अमेरिकी मौद्रिक नीतियों में आ रहे इन बदलावों के कारण वैश्विक स्तर पर सर्राफा बाजारों में धारणा कमजोर बनी हुई है।

अन्य कीमती धातुओं का हाल

मध्य पूर्व में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तो तेजी देखी गई है क्योंकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस क्षेत्र का दौरा करने वाले वरिष्ठ अमेरिकी दूतों से मुलाकात नहीं करेगा। हालांकि, इस भू-राजनीतिक तनाव ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को हवा दी है, जिसके चलते सोने की कीमतें लगातार चौथे महीने मासिक गिरावट की ओर अग्रसर हैं।

सोने की कीमतें गिरने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं के बाजार में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हाजिर चांदी 1.8% गिरकर 57.53 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि प्लेटिनम 0.6% की गिरावट के साथ 1,541.95 डॉलर पर आ गया, जो पिछले साल 25 नवंबर के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। इसके अतिरिक्त, पैलेडियम की कीमतों में भी 1.4% की गिरावट देखी गई और यह घटकर 1,187.09 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इस सामग्री का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार के व्यावसायिक, नीतिगत अथवा रणनीतिक दावों की पुष्टि करना नहीं है, बल्कि केवल सार्वजनिक सूचना उपलब्ध कराना है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी प्रकार के स्वतंत्र निर्णयों के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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