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व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के दाम घटे, व्यापारियों को बड़ी राहत

व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेल विपणन कंपनियों ने बुधवार से बड़ी कटौती की घोषणा की है, जिससे होटल और रेस्तरां उद्योग को राहत मिलेगी।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

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मुंबई, भारत। देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने बुधवार को औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों को एक बड़ी राहत दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 183.5 रुपये (लगभग 1.94 डॉलर) की भारी कटौती की गई है। हालांकि, आम जनता के रसोई बजट को प्रभावित करने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दरों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। संशोधित दरें 1 जुलाई से देश भर में प्रभावी हो गई हैं।

यह साल 2026 में वाणिज्यिक गैस दरों में की गई पहली बड़ी कटौती है। इससे पहले, भारत की सबसे बड़ी सरकारी रिफाइनर और ईंधन खुदरा विक्रेता, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) संकट के कारण उत्पन्न हुई वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के चलते जून में इसके दाम बढ़ा दिए थे। जून के महीने में वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत 3,071.5 रुपये से बढ़ाकर 3,113.50 रुपये कर दी गई थी, लेकिन अब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बाद इस बोझ को कम किया गया है। [1]

महानगरों में नए दामों की स्थिति

इस नई कटौती के बाद देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में दामों में काफी बदलाव देखने को मिला है। राजधानी दिल्ली में अब 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3,113.50 रुपये से घटकर 2,930 रुपये पर आ गई है। इसी तरह, आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी नई कीमत 2,885.50 रुपये तय की गई है। कोलकाता में यह सिलेंडर अब 3,081.50 रुपये और चेन्नई में 3,106 रुपये में उपलब्ध होगा।

इसके साथ ही, तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी 13 रुपये की कमी की है, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 808.50 रुपये हो गई है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 73 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड के 70 डॉलर से नीचे आने के कारण भारतीय तेल कंपनियों के आयात बिल में कमी आई है, जिसका सीधा फायदा अब व्यापारिक उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है।

राहत के साथ व्यापार को गति

इस कटौती का सबसे बड़ा स्वागत होटल, रेस्तरां, ढाबा संचालकों और कैटरिंग उद्योग से जुड़े व्यापारियों ने किया है। पिछले कई महीनों से मध्य पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच भू-राजनीतिक टकराव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता बनी हुई थी। इसके कारण मार्च, अप्रैल और मई के महीनों में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार कई दौर की भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिसने छोटे व्यवसायों की कमर तोड़ दी थी।

विशेषज्ञों के अनुसार, ईंधन की कीमतों में आई यह कमी खाद्य और पेय (F&B) क्षेत्र के परिचालन खर्च को कम करने में मददगार साबित होगी। हालांकि, तेल कंपनियां अब भी वाणिज्यिक गैस की अंडर-रिकवरी की भरपाई के लिए प्रयास कर रही हैं, लेकिन कच्चे तेल के दामों में आई हालिया गिरावट और भारतीय रुपये की अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.76 के स्तर पर स्थिरता ने बाजार को यह बड़ी राहत देने की गुंजाइश पैदा की है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इस सामग्री का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार के व्यावसायिक, नीतिगत अथवा रणनीतिक दावों की पुष्टि करना नहीं है, बल्कि केवल सार्वजनिक सूचना उपलब्ध कराना है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी प्रकार के स्वतंत्र निर्णयों के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उत्तरदायी नहीं हैं।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
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