WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

मेटा को नोटिस, बाल शोषण विज्ञापन पर सरकार सख्त

मेटा को नोटिस भेजा गया है। इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े विज्ञापनों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाब मांगा है।

By अजय त्यागी
1 min read
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली, भारत। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मेटा को एक बेहद सख्त कानूनी चेतावनी दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण और शोषणकारी सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के प्रसारण पर मेटा को नोटिस जारी किया गया है। सरकार ने कंपनी को ऐसे सभी विज्ञापनों और सामग्रियों को तुरंत अक्षम करने का आदेश दिया है जो इस तरह की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देती हैं। शनिवार शाम को जारी इस नोटिस में केंद्र सरकार ने सात दिनों के भीतर कंपनी से जवाब मांगा है। [1]

यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा मंत्रालय के अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देशों के बाद सामने आई है। मंत्री ने कथित तौर पर बाल शोषण सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर मेटा के प्रतिनिधियों को तुरंत तलब करने का निर्देश दिया था। कैलिफ़ोर्निया मुख्यालय वाली यह अमेरिकी तकनीकी कंपनी भारत में फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे अत्यंत लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का संचालन करती है। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद सरकार डिजिटल सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के मूड में दिखाई दे रही है।

बीबीसी की जांच

मंत्रालय की यह नवीनतम कार्रवाई एक वैश्विक मीडिया संगठन बीबीसी की हालिया खोजी रिपोर्ट के बाद की गई है। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि मेटा का विशिष्ट अनुशंसा एल्गोरिदम बाल यौन शोषण सामग्री वाले वीडियो को बढ़ावा दे रहा था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। जांच में यह भी पाया गया कि मेटा की विज्ञापन नीतियों में नग्नता और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस तरह के संवेदनशील और अवैध विज्ञापन धड़ल्ले से दिखाई दे रहे थे।

आरोपों के अनुसार, इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसे भुगतान वाले विज्ञापन दिखाए गए थे जिनमें बेहद आपत्तिजनक और प्रतिबंधित शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। ये विज्ञापन उपभोक्ताओं को सीधे टेलीग्राम चैनलों पर रीडायरेक्ट कर रहे थे, जहां ऐसी अवैध सामग्री बेची जा रही थी। सरकार अब इस बात का पूरा विवरण मांग रही है कि आखिर इन विज्ञापनों को सिस्टम द्वारा मंजूरी कैसे दी गई। इसके साथ ही सरकार ने यह भी पूछा है कि इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद मेटा ने क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं।

कानूनी जवाबदेही

सरकारी सूत्रों का कहना है कि एक मध्यस्थ होने के नाते मेटा भुगतान वाले विज्ञापनों के मामले में तीसरे पक्ष की सामग्री होने का बहाना बनाकर अपनी जवाबदेही से बिल्कुल नहीं बच सकती है। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो कंपनी को इन विज्ञापनों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा क्योंकि प्लेटफॉर्म को इनसे राजस्व प्राप्त होता है। इस गंभीर वित्तीय मामले में मेटा को नोटिस देकर आईटी मंत्रालय इस पूरे प्रकरण के तकनीकी और नियामक पहलुओं की गहन समीक्षा करेगा ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों को दोबारा होने से रोका जा सके।

भारत सरकार ने इस प्रकार की संवेदनशील और अवैध सामग्रियों के खिलाफ हमेशा से शून्य-सहिष्णुता का रुख अपनाया है। देश के ऑनलाइन पारिस्थितिकी तंत्र में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी तकनीकी मंचों को ऐसी सामग्रियों का तुरंत पता लगाने, उन्हें हटाने और रिपोर्ट करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। भारत में इस तकनीकी जांच के बीच मेटा को नोटिस जारी हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो से प्राप्त सूचियों के आधार पर सरकार समय-समय पर ऐसी अवैध और अनैतिक वेबसाइटों को देश में पूरी तरह से ब्लॉक करती रही है ताकि बच्चों को इंटरनेट पर एक सुरक्षित माहौल मिल सके।

व्हाट्सएप पर विवाद

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत में इस सप्ताह दूसरी बार नियामकों के सीधे निशाने पर आया है। इससे पहले सरकार ने व्हाट्सएप के आगामी 'यूज़रनेम' फीचर को लेकर भी मेटा को नोटिस भेजा था। सरकार का मानना है कि इस नए फीचर से देश में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार ने इस फीचर के रोलआउट पर तब तक रोक लगाने को कहा है जब तक कि इस विषय पर सभी आवश्यक परामर्श पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाते।

इस बड़े तकनीकी विवाद के बाद मेटा की एक विशेषज्ञ टीम ने आईटी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की है। व्हाट्सएप के विवादित फीचर पर अंतिम जवाब देने के लिए कंपनी को तीन दिनों का समय दिया गया था, जिसके अनुसार मेटा अपना अंतिम स्पष्टीकरण सौंपने की तैयारी कर रही है। सरकार ने मेटा को स्पष्ट याद दिलाया है कि एक महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ होने के नाते वह आईटी अधिनियम और नियमों के तहत पूरी तरह से जवाबदेह है, जिसके चलते ही मेटा को नोटिस देकर कड़े सुरक्षा नियम लागू करने को कहा गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। वर्तमान तकनीकी और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए पाठक केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief
Source Source