कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा, तीर्थयात्रियों का नया जत्था रवाना
अमरनाथ यात्रा सुचारू रूप से जारी है। रविवार को सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के बीच 87 विदेशी नागरिकों सहित 6,700 तीर्थयात्रियों का नया जत्था कश्मीर रवाना हुआ।
बाबा बर्फानी के दर्शन
जम्मू, भारत। वार्षिक अमरनाथ यात्रा के तहत रविवार को 87 विदेशी नागरिकों सहित 6,700 से अधिक तीर्थयात्रियों का चौथा जत्था 291 वाहनों में सवार होकर कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। यह इस साल की यात्रा शुरू होने के बाद से घाटी में पहुंचने वाला चौथा बड़ा जत्था है। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी श्रद्धालु जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से तड़के बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुए। इन यात्रियों को गांदरबल जिले के सोनमर्ग में स्थित बालटाल और अनंतनाग जिले के पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप तक सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। [1]
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस जत्थे में से 2,590 तीर्थयात्री 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से अमरनाथ यात्रा करेंगे, जबकि 4,131 श्रद्धालु 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग से पवित्र गुफा की ओर बढ़ेंगे। इस विशिष्ट जत्थे के कुल यात्रियों में 4,576 पुरुष, 1,310 महिलाएं, 22 बच्चे, 572 साधु, 154 साध्वी और 87 विदेशी नागरिक शामिल हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा संबंधी खतरे का सामना न करना पड़े।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
तीर्थयात्रियों के इस काफिले को सुचारू और सुरक्षित रास्ता देने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों और अर्धसैनिक बलों द्वारा एक बेहद मजबूत सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया है। अमरनाथ यात्रा के वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील समय के दौरान आम यात्री यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है ताकि सुरक्षा कारणों से काफिले को प्राथमिकता मिल सके। वार्षिक 57 दिवसीय इस धार्मिक यात्रा के शुरुआती दिनों में ही अब तक कुल 26,000 से अधिक श्रद्धालु 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने सभी इच्छुक श्रद्धालुओं से अमरनाथ यात्रा पर निकलने से पहले अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने का पुरजोर आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुफा की ओर बढ़ने से पहले प्रत्येक यात्री के पास वैध दस्तावेज होने चाहिए। अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि इस बार सामान्य से बहुत अधिक संख्या में बिना वैध पंजीकरण के तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं, जिससे बेस कैंपों पर अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
पंजीकरण अनिवार्य
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत निर्धारित तीर्थयात्री आंदोलन की तय सीमा के अनुसार ही संचालित किया जा रहा है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। ट्रैक पर केवल उन्हीं तीर्थयात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी जिनके पास निर्धारित तिथि का वैध परमिट होगा। उन्होंने बिना पंजीकरण वाले यात्रियों से अपील की है कि वे जम्मू-कश्मीर पहुंचने पर होने वाली असुविधा से बचने के लिए फिलहाल अपनी यात्रा कुछ दिन टाल दें।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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