भारी बारिश का कहर रोहिंग्या शिविरों में भूस्खलन से तबाही, 8 मरे
बांग्लादेश के रोहिंग्या शिविरों में भूस्खलन से बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के बीच राहत कार्य जारी है कई घायल हुए हैं।
रोहिंग्या शिविरों में भूस्खलन
ढाका, बांग्लादेश। दक्षिण पूर्वी बांग्लादेश में स्थित दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर में सोमवार तड़के मूसलाधार मानसून की बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। भारी बारिश के बाद हुए भीषण हादसों में कम से कम आठ रोहिंग्या मुस्लिमों की मलबे में दबने से मौत हो गई, जिनमें कुछ मासूम बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि रोहिंग्या शिविरों में भूस्खलन की इस आपदा में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। [1]
मानसून का कहर
कॉक्स बाजार इलाके में बने इन शिविरों में करीब बारह लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी बेहद तंग और असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। सोमवार तड़के जब लोग सो रहे थे, तभी चार अलग अलग स्थानों पर अचानक मिट्टी धंस गई। रोहिंग्या शिविरों में भूस्खलन की इस भीषण घटना ने बांस और प्लास्टिक की शीट से बनी अस्थायी झुग्गियों को मिट्टी और मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया, जिससे सोते हुए लोग मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए। [विडियो]
स्थानीय पुलिस प्रशासन के मुताबिक, लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी को बेहद कमजोर कर दिया है, जिससे आगे भी हादसों का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के काम में जुटी हैं। एक अन्य घटना में कॉक्स बाजार में ही एक पहाड़ी का हिस्सा गिरने से एक बांग्लादेशी नागरिक की भी मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई है।
राहत कार्य
शरणार्थी राहत और प्रत्यावर्तन के लिए जिम्मेदार बांग्लादेशी अधिकारी मोहम्मद मिजानुर रहमान ने कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि और अधिक जनहानि को रोकने के लिए उच्च जोखिम वाले संवेदनशील क्षेत्रों से परिवारों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। खतरनाक ढलानों पर रह रहे हजारों शरणार्थियों की सुरक्षा इस समय प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक भारी बारिश होने का अनुमान जताया है, जिससे बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। इन शिविरों में मानसून के दौरान रोहिंग्या शिविरों में भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ बेहद आम है, जो हर साल जान माल का भारी नुकसान करती है। इस बीच, पड़ोसी देश म्यांमार के रखाइन राज्य में नए सिरे से जारी संघर्ष के कारण सीमा पर भी बांग्लादेशी सुरक्षा बलों द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बांग्लादेश में प्राकृतिक आपदा और शरणार्थी शिविरों की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
In a single night, 8 Rohingya refugees lost their lives due to heavy rain and landslides in the world’s largest refugee camp!#landslide #rain #death pic.twitter.com/7n65K5EKmA
— Ro Yassin Abdumonab (@md_yasiein) July 6, 2026